एल्विश यादव मामले में लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारी नपे, नोएडा पुलिस कमिश्नर ने किया लाइन हाजिर
रेव पार्टियों में सांप का जहर सप्लाई करने के मामले में नाम सामने आने के बाद बिग बॉसी ओटीटी-2 के विनर एल्विश यादव पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में छाए हुए हैं। मामले में नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बडा एक्शन लिया है।
नोएडा कोतवाली सेक्टर-49 के थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया है। दरअसल, यह कार्रवाई सेक्टर-49 के थाना प्रभारी की कार्यशैली में लापरवाही और इलाके में बढते क्राइम ग्राफ पर अंकुश न लगाने के कारण लिया गया है।

एल्विश यादव मामले में लापरवाही बरती
रेव पार्टियों में सांप के जहर के कथित इस्तेमाल के मामले में शुक्रवार को बिग बॉस ओटीटी विजेता एल्विश यादव सहित छह लोगों के खिलाफ नोएडा सेक्टर-49 पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार लोगों से जब पुलिस ने पूछताछ की तो एल्विश यादव का नाम सामने आया। आरोपियों ने खुलासा किया कि वे बिग बॉस ओटीटी विनर की पार्टियों में सांप सप्लाई करते थे।
इस महीने राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले नियमित जांच के दौरान अधिकारियों द्वारा एल्विश यादव की कार को राजस्थान की कोटा पुलिस ने रोका। जिसके बाद नोएडा कोतवाली सेक्टर-49 के थाना प्रभारी संदीप चौधरी से संपर्क किया गया। लेकिन, थाना प्रभारी ने एल्विश यादव के वांटेड होने से मना कर दिया था। इस पर कोटा पुलिस ने एल्विश यादव को छोड दिया था।
PFA ने दर्ज कराई एल्विश के खिलाफ रिपोर्ट
बीजेपी सांसद मेनका गांधी द्वारा संचालित पीपुल्स फॉर एनिमल्स (पीएफए) के गौरव गुप्ता की शिकायत के बाद यादव के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया गया था। गुप्ता ने दावा किया कि यादव ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर नोएडा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अन्य हिस्सों में अवैध रूप से रेव पार्टियां आयोजित कीं और सांपों और सांप के जहर के साथ वीडियो शूट किए।
एल्विश ने आरोपों को फर्जी बताया
एल्विश यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है और उन्हें "फर्जी" बताया है। यादव ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा था कि मेरे खिलाफ लगाए गए सभी आरोप फर्जी हैं, जिनमें 1 प्रतिशत भी प्रामाणिकता नहीं है।












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