बीजेपी की नीतियों को एक्सपोज करने के लिए सभी जिलों में यूपी बचाओ अभियान चलाएगी NCP, इन मुद्दों पर रहेगा फोकस

लखनऊ, 10 अगस्त: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी दल मैदान में कूद पड़े हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) आज राज्य के सभी जिलों में यूपी बचाओ अभियान की शुरूआत करेगी। एनसीपी के नेताओं का दावा है कि इस अभियान के माध्यम से वो गांव गांव जाकर बीजेपी के झूठ का पर्दाफांस करेंगे और योगी सरकार की विफलताओं को जनता के सामने लाया जाएगा। कोरोना महामारी के दौरान फैली अव्यवस्थाओं और जल शक्ति मिशन में हुए हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का सच भी जनता को बताया जाएगा।

sharad pawar

यूपी में एनसीपी मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के साथ अगला चुनाव लड़ेगी। हालांकि अभी सीट शेयरिंग को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमाशंकर यादव ने कहा कि सभी जिलों में धरना प्रदर्शन के साथ ही यूपी के सभी जिलाधिकारियों को एक ज्ञापन भी दिया जाएगा। बीजेपी की विफलताओं को जनता के सामने लाने के लिए इन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।

एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ब्रजमोहन श्रीवास्तव ने वन इंडिया डॉट काम से बातचीत के दौरान बताया कि यूपी में करीब 90 फीसदी जिलों में पार्टी की यूनिट का गठन हो चुका है। आने वाले समय में जल्द ही सभी जिलों में इसका गठन कर लिया जाएगा। आज यूपी के सभी जिलों में प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। पार्टी का फैसला है कि यूपी के विधानसभा चुनाव में सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ना है। उसकी तैयारियों के तहत ही कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का प्रयास किया जा रहा है।

एनसीपी के प्रदर्शन में ये मुददे रहेंगे शामिल
प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि यूपी में बेरोजगारी, किसानों का मुददा, कोरोना महामारी में सरकारी अव्यवस्थाओं, स्वच्छ भारत मिशन, जल शक्ति मिशन में हुए भ्रष्टाचार, शासन की घोषणाओं की जमीनी हकीकत अलग है, इसको लेकर जनता के बीच बीजेपी को एक्सपोज किया जाएगा। पुलिस प्रशासन राजनीतिक विद्वेष की वजह से दूसरी पार्टियों के कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर प्रदर्शन होगा।

सीट शेयरिंग कोई मुद्दा नहीं
यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में एनसीपी और सपा एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। हालांकि दोनों दलों के बीच अभी सीटों का बंटवारा नहीं हुआ है लेकिन पार्टी के नेताओं का दावा है कि सीट शेयरिंग को बड़ा मुद्दा नहीं है। इसे चुनाव से पहले सुलझा लिया जाएगा। दरअसल इससे पहले एनसीपी यूपी में 2012 और 2017 में अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ चुकी है लेकिन तब उसे कोई सफलता नहीं मिली थी। इससे पहले एनसीपी की सांसद सुप्रिया सूले ने सोमवार को सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव से संसद भवन में मुलाकात की थी। उस समय उनके साथ यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव भी मौजूद थे।

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