शिवपाल और अखिलेश के चुनाव में साथ आने के सवाल पर क्या बोलीं मुलायम की बहू अपर्णा यादव, Exclusive
लखनऊ, 30 सितंबर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव 400 सीटें जीतने का दावा कर रहे हैं। यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव तो दावा कर रहे हैं कि उनकी पार्टी सपा उनके चाचा शिवपाल यादव की पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी लेकिन शिवपाल यादव ने अभी भी अपने पत्ते खोले नहीं हैं। अभी भी इस बात पर असमजस बना हुआ है कि शिवपाल सपा के साथ चुनावी मैदान में नजर आएंगे या नहीं। ऐसा ही सवाल जब सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू और समाजसेविका अपर्णा यादव से किया गया तो जानिए उन्होंने कहा। वन इंडिया को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अपर्णा यादव ने इसके अलावा ये भी साझाा किया कि उनकी आगामी चुनाव में उनकी रणनीति क्या होगी।

सपा परिवार में अभी भी आपसी अनबन चल रही आप विचारधारा के अनुसार आप अपने आपको किसके नजदीक पाती हैं?
अपर्णा यादव ने कहा मैं हमेशा से नेता जी मुलायम सिंह जो अपना राजनीति गुरु मानती हूं और जैसा वो कहते हैं मैं वैसा ही करती हूं। भारत की बेटी बिना पिता और ससुर के साथ के बिना आगे नहीं बढ़ सकती। मैं भाग्यशाली हूं कि नेता जी जैसा मुझे ससुर के रूप में पिता मिले और जो उनकी विचारधारा है वो ही मेरी विचारधारा है।
सपा परिवार में जो अनबन चली रही है तो क्या लगता है कि 2022 के चुनाव में सपा चुनावी किला फतेह कर पाएगी ?
अपर्णा यादव ने कहा नेता जी का मन है कि पार्टी के दोनों धड़ साथ आकर चुनाव लड़े। दोनों पार्टियां अलग हो चुकी हैं तो ऐसे में महत्वपूर्ण है कि दोनों पार्टियों के राष्ट्रीय अध्यक्ष क्या चाहते हैं? इस पर मेरा टिप्पणी करना उचित नहीं है। अखिलेश यादव और शिवपाल यादव जी पारखी राजनेता हैं और इतने समय से राजनीति में हैं उनका अनुभव है। बाकी उनका मंथन अपनी विवेचना है कि वो किस प्रकार से यूपी चुनाव 2022 में चुनावी रणभूमि में जाना चाहते हैं।
सपा अगर लखनऊ कैंट सीट जिससे आप पिछली बार चुनाव हार गई थी उसी सीट से दोबारा 2022 में टिकट देती है तो आप उस सीट से चुनाव लड़ेगी ?
अर्पणा यादव ने कहा लखनऊ की कैंट सीट सपा के लिए 2017 में सूखे कुएं से पानी निकलने जैसी है। वहां से भी अपर्णा यादव ने भारी संख्या में वोट हासिल किया था। उस समय सपा की वहां टीम नहीं थी। मैंने वहां पर जमीनी स्तर पर काम किया और लोगों को जोड़ा। जिसका नतीजा था कि जनता का वोट के रूप में मुझे प्यार मिला जिसकी मैं आभारी हूं। 2017 में मेरी हार क्यों हुई इसके पीछे के कारण किसी से छिपे नहीं हैं। वो कारण नहीं होते तो हम चुनाव जीत जाते। उन्होंने कहा पार्टी जो निर्धारित करेगी वो ही मुझे स्वीकार होगा।
यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में चुनावी रणनीति क्या होगी?
लोगों की सेवा में हम विश्वास करते हैं मैं ने काम किया है केवल शिल्यानास केवल नहीं करवाया मैंने अपने क्षेत्र के लोगों जीवन की बेहतरी के लिए बहुत काम किया है और उससे मैं संतुष्ट हूं।












Click it and Unblock the Notifications