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मुख्तार का बेटा अब्बास अंसारी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर, लखनऊ से लेकर गाजीपुर तक हो रही छापेमारी

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लखनऊ, 22 अगस्त: उत्तर प्रदेश के माफिया डान और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी का बेटा अब्बास अंसारी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों की माने तो अब्बास को 25 अगस्त को कोर्ट में पेश करना है इसलिए अब पूरी ताकत के साथ उसकी खोजबीन की जा रही है। दरअसल अब्बास अंसारी के खिलाफ 12 अक्टूबर, 2019 को महानगर पुलिस स्टेशन में बंदूक लाइसेंस के उल्लंघन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

अब्बास अंसारी

लखनऊ पुलिस ने फरार मौजूदा विधायक और जेल में बंद गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के लखनऊ के महानगर क्षेत्र के मेट्रो सिटी के अलावा शहर के नौ अन्य स्थानों पर स्थित फ्लैट की तलाशी ली। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह वहां मौजूद हो सकता है। हालांकि पुलिस उसे ढूंढने में नाकाम रही। दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश के वाराणसी, गाजीपुर और जौनपुर में भी छापे मारे गए।

अब्बास अंसारी के खिलाफ 2019 में दर्ज एक मामले के संबंध में लखनऊ में एमपी-एमएलए अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद पुलिस ने अब्बास अंसारी की तलाश तेज कर दी है। लखनऊ पुलिस की टीम डीसीपी, उत्तर, कासिम आबिदी और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबल (पीएसी) की एक इकाई के नेतृत्व में महानगर में मेट्रो सिटी की 10 वीं मंजिल पर भी छानबीन की गई।

कई जगहों पर हुई छापेमारी

उन्होंने विधायक मन्नू अंसारी के आवास दारुलशफा में एक अन्य परिसर में छापा मारा। मन्नू अंसारी उनके भाई हैं और गाजीपुर जिले में मोहम्मदाबाद निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं। इसके बाद, टीमों ने आलमबाग में जुगनू वालिया के परिसर और अब्बास के अन्य सहयोगियों के आवासों का दौरा किया।

जांच की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक टीम ने गाजीपुर के युसूफपुर थाना क्षेत्र के दारजी टोला इलाके में भी छापेमारी की, जबकि एक अन्य टीम ने वाराणसी पुलिस के साथ संयुक्त अभ्यास में वाराणसी के महमूरगंज क्षेत्र के नरसिंह अपार्टमेंट में संजय राव के आवास पर छापा मारा।

अब्बास को पकड़ने के लिए बनी है टीम

एक 20 सदस्यीय टीम बनाई गई है। इसमें चार डीएसपी रैंक के अधिकारी शामिल हैं और एक अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के नेतृत्व में भी काम के लिए गठित किया गया है। टीम में चार इंस्पेक्टर, छह सब-इंस्पेक्टर और पांच हेड कांस्टेबल के अलावा साइबर सेल के एक्सपर्ट भी शामिल हैं।

अब्बास अंसारी के खिलाफ 12 अक्टूबर, 2019 को महानगर पुलिस स्टेशन में बेईमानी और बंदूक लाइसेंस के उल्लंघन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने दावा किया था कि अंसारी ने 2012 में महानगर थाने के तहत लखनऊ से डबल बैरल गन के लिए लाइसेंस जारी किया था। बाद में वह दिल्ली चले गए और 2015 में उन्होंने लखनऊ पुलिस को सूचित किए बिना उसी लाइसेंस को नई दिल्ली के अपने वसंत कुंज पते पर स्थानांतरित कर दिया।

यह भी पढ़ें-मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास को नहीं ढूंढ पा रही यूपी पुलिस, जानिए क्या है पूरा मामलायह भी पढ़ें-मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास को नहीं ढूंढ पा रही यूपी पुलिस, जानिए क्या है पूरा मामला

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English summary
Mukhtar's son Abbas Ansari still away from the grip of the police
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