साइकिल पर नहीं चढ़ पाए मुख्तार अंसारी को मिली बहन जी के हाथी की सवारी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह बात सामने आ रही है कि मुख्तार अंसानी मऊ सदर से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले उनके निर्दलीय लड़ने के कयास लगाए जा रहे थे।
गाजीपुर। समाजवादी पार्टी में कौमी एकता दल के विलय की कोशिशें नाकाम होने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि मुख्तार अंसारी इस बार निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन अब सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह बात सामने आ रही है कि मुख्तार अंसानी मऊ सदर से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। सूत्रों का दावा है कि मुख्तार अंसारी को टिकट बसपा प्रत्याशी मनोज राय का टिकट कटने के बाद मिला है। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर सकते हैं। हालांकि, अभी मुख्तार अंसारी के बसपा से चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। समाजवादी पार्टी ने इस सीट पर उम्मीदवार का ऐलान पहले ही कर दिया है। मऊ सदर विधानसभा सीट पर 11 मार्च को छठे चरण में मतदान होगा।

चल रही थी ये कवायद
अंसारी बंधुओं के बसपा में जाने की कवायद तेज हो गई थी। कृष्णानंद हत्याकांड के मुकदमे के सिलसिले में दिल्ली गए पूर्व सांसद अफजाल अंसारी लखनऊ लौट आए हैं, जबकि बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीशचंद्र मिश्र ने मंगलवार को दिल्ली का अपना हवाई टिकट कैंसल करा दिया है। खबर आ रही थी कि दोनों नेताओं की शाम को मीटिंग होगी, उसके बाद संभव हुआ तो एक-दो दिन में अंसारी बंधुओं के बसपा में शामिल होने की औपचारिक घोषणा पार्टी सुप्रीमो मायावती करेंगी। दरअसल, सपा से नाउम्मीदी के बाद ही अंसारी बंधुओं ने बसपा में जाने का फैसला किया है। बसपा में उन्हें लाने की पैरवी सतीशचंद्र मिश्र के अलावा बलिया के पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी कर रहे हैं। जो अंसारी परिवार के बहुत करीबी माने जाते हैं। यही लोग पार्टी सुप्रीमो को लगभग यह समझा चुके हैं कि अंसारी बंधुओं को जोड़ने के बाद गाजीपुर, मऊ, बलिया, वाराणसी सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों की विधानसभा सीटों पर पार्टी को फायदा होगा।












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