Mukhtar Ansari: माता-पिता की गोद में अब चैन से सोएगा बेटा मुख्तार! भतीजा खुदवा रहा चाचा की कब्र
Mukhtar Ansari: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल का रसूखदार, दबंग और खूंखार माफियाओं में शुमार 'मुख्तार अंसारी' के खौफ का आखिरकार अंत हो गया। माफिया के खौफ से थर-थर कांपने वाली धरती ही उसका आखिरी ठिकाना बनने को तैयार है।
दुनिया को मुट्ठी में कैद करने की ख्वाहिश रखने वाले मुख्तार अब सिर्फ 7×3 फीट की जमीन में समिट कर रह जाएगा। पेड़ों की छाया के बीच काली बाग कब्रिस्तान में मुख्तार के नाम का पत्थर लगने वाला है।

खास बात यह है कि माफिया मुख्तार के लिए अपनों ने ही कब्र खोदी। पोस्टमार्टम होते ही मुख्तार का शव गाजीपुर लाया जाएगा। यहां स्थित कालीबाग कब्रिस्तान में उसे दफनाया जाएगा। जिसको लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। दुश्मनों को दफनाने वाला अब खुद दफन होने जा रहा है। मोहम्मदाबाद से विधायक भतीजा सुहेब अंसारी उर्फ मन्नू अपने चाचा की कब्र खुदवा रहा है। यह कब्रिस्तान मुख्तार अंसारी के घर से करीब 500 मीटर दूर है। मुख्तार का आखिरी पता काली बाग कब्रिस्तान ही क्यों?
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पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, मुख्तार की कब्र पिता सुभानुल्लाह अंसारी की कब्र के पीछे ही खोदी जा रही है। सूत्रों का दावा है कि मुख्तार को माता-पिता की कब्र के पास ही दफनाया जाएगा। इसलिए 7×3 फीट की कब्र खोदने का काम जारी है। हमेशा खाकी धारियों से घिरा रहने वाला मुख्तार, आखिरी वक्त में भी कड़ी सुरक्षा में दफन होगा।
कब्र खोदने वाले दोस्तों के हाथ!
सूत्रों के मुताबिक, मुख्तार अंसारी की कब्र खोदने वाले और कोई नहीं उनके बचपन के दोस्त गिरधारी और संजय हैं। दोनों दोस्त मुख्तार की कब्र खोद रहे हैं। दुनिया को अपनी दहशत से दहलाने वाला मुख्तार पूर्वजों के पास दफन होना चाहता था। खास बात यह है कि यह कब्रिस्तान मुख्तार परिवार का कब्रगाह के नाम से मशहूर है।
काली बाग कब्रिस्तान में कौन-कौन दफन ?
मुख्तार अंसारी परिवार के इस पैतृक कब्रिस्तान में पूरा परिवार दफन है। मुख्तार के दादा मुख्तार अहमद अंसारी, पिता सुब्हानउल्लाह अंसारी, मां बेगम राबिया अंसारी दफन हैं। कहा जाता है कि मुख्तान की नानी क कब्र भी इसी कब्रिस्तान में हैं। मुख्तार अपने पूर्वजों के पास दफन हो रहा है।












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