मुख्तार अंसारी को पहले से था मौत का खौफ, विकास दुबे की हत्या के बाद राष्ट्रपति से लगाई थी गुहार
जेल में बंद माफिया और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की बांदा मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई है। डॉक्टरों के मुताबिक मुख्तार अंसारी की मौत कार्डियेक अटैक से हुई है। इससे पहले मुख्तार अंसारी को बांदा जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इससे पहले भी सोमवार की रात मुख्तार मुख्तार को पेट दर्द की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था। जहां डॉक्टर ने उसे कब्ज बताकर एनिमा लगाया था। मुख्तार के बेटे उमर अंसारी और भाई अफजाल अंसारी ने खाने में मुख्तार को जहर देने का आरोप लगाया था।

इसके पहले मुख्तार के वकील ने बाराबंकी कोर्ट में भी मुख्तार के हवाले से खाने में जहर देने का आरोप लगाया था, लेकिन जेल का प्रशासन इन आरोपों को खारिज कर दिया था। अब उनकी मौत से तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं जिसका जवाब कोई नहीं दे पा रहा है।
आपको बता दें कि मुख्तार अंसारी पहले भी हत्या की आशंका जताता रहा था। इसके लिए उसने राष्ट्रपति तक को चिट्ठी लिखी थी। मार्च 2021 में जब मुख्तार अंसारी पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था, तब उसकी पत्नी अफशां अंसारी ने तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी लिखी थी।
इस चिट्ठी में अफशां अंसारी ने अपने पति मुख्तार अंसारी को पंजाब से यूपी लाने के दौरान उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने का आदेश देने की गुहार लगाई थी। अफशां ने लिखा था कि उन्हें इस बात का खतरा है कि पंजाब की जेल से बांदा लाए जाते वक्त रास्ते में फर्जी मुठभेड़ की आड़ में अंसारी की हत्या की जा सकती है।
मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शा अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था। इस याचिका में विकास दुबे एनकाउंटर का जिक्र करते हुए कहा गया है कि शिफ्टिंग के दौरान मुख्तार की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। मुख्तार की पत्नी ने याचिका में कहा है कि उन्हें इस बात का डर है कि कहीं फर्जी एनकाउंटर ना कर दिया जाए।












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