शहीद बेटे का मुआवजा लेने से पीछे हटी मां, मंत्री ने पकड़े पैर
शहीद आयुष यादव की मां ने आर्थिक मदद लेने से विनम्रतापूर्वक इनकार किया तो कैबिनेट मंत्री ने बारंबार उनके पैर छुए और 25 लाख की राशि ग्रहण करने का अनुरोध किया।
कानपुर। कुपवाड़ा में शहीद हुए कैप्टन आयुष यादव के परिवार वालों को उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से 25 लाख की आर्थिक मदद सौंपी गयी। शहीद की मां सरला यादव ने सरकार से पैसों की बजाय प्रतिशोध की मांग करके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रतिनिधि मण्डल को मुश्किल में डाल दिया। बाद में कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने शहीद की मां के बारम्बार चरण स्पर्श करके आर्थिक मदद लेने के लिये राजी किया।

मां ने मुआवजा लेने से किया इनकार, कहा प्रतिशोध चाहिए
प्रदेश सरकार का प्रतिनिधि मण्डल कैप्टन आयुष यादव की शहादत के बाद आर्थिक मदद की 25 लाख की चेक लेकर उनके घर पहुंचा था। प्रतिनिधि मण्डल में शामिल सभी नेताओं और अधिकारियों को सम्मानपूर्वक बैठाया गया लेकिन जब कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने आर्थिक मदद की चेक शहीद की मां को सौंपनी चाही तो उन्होने विनम्रतापूर्वक इसे लेने से मना कर दिया।
कैबिनेट मंत्री के बारंबार अनुरोध पर राशि स्वीकारी
शहीद के परिवार ने फारूक अब्दुल्ला के बयान पर अपना रोष व्यक्त किया और मदद के पैसों की बजाय प्रतिशोध की मांग कर दी। इस पर संतीश महाना ने फारूक अब्दुल्ला के बयान पर असहमति व्यक्त की और शहीद के परिजनों को सरकार की मंशा से अवगत कराया। महाना ने शहीद की मां के प्रति पूरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके बार-बार पैर छुए और उनसे अनुरोध किया कि वे इसे बतौर मुआवजा नहीं बल्कि सम्मान राशि के रूप में ग्रहण करें।
आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन
आपको याद दिला दें कि जब कैप्टन आयुश की शहादत की खबर कानपुर पहुंची थी, तब भी उनकी मां ने खुद आतंकियो के कैम्प में बम फेंकने के लिये चीत्कार भरी थी। किसी का भी कलेजा फाड़ देने वाली इस मां की मार्मिक अपील पर पूरा देश हिल गया था। आज एक बार फिर पैसों की जगह प्रतिशोध की मांग करके उन्होंने सबको विचलित कर दिया और आखिर में आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर ही उन्होंने चेक स्वीकार की।












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