Wayanad landslide: वायनाड में भूस्खलन ने मचाई तबाही, 1 की मौत, कई लोगों के फंसने की आशंका, याद आया पुराना मंजर
Wayanad landslide: देश के कई राज्यों में भारी बारिश का तांडव जारी है, कश्मीर से लेकर बंगाल तक बरसात ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है तो वहीं एक बड़ी खबर केरल के वायनाड से आ रही है, जहां पर भारी बरसात के कारण 'वायनाड-कल्लाडी सुरंग' निर्माण स्थल पर एक बड़ा हादसा हो गया है, यहां पर भूस्खलन हुआ है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है और 7 लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अभी भी मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है।
हादसे की जानकारी देते हुए केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा कि 'वायनाड के भूस्खलन में अभी तक एक व्यक्ति की मौत की खबर है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सात लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और सात लोग लापता हैं। पुलिस और फायर डिपार्टमेंट वहां खोज और बचाव अभियान चला रहे हैं।'

उन्होंने आगे बताया कि 'डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी और डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ने 20 जून को टनल के कंस्ट्रक्शन साइट से मिट्टी हटाने का आदेश दिया था। टनल बनाने वाले कॉन्ट्रैक्टर ने साइट से मिट्टी हटाने के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के आदेश का पालन नहीं किया। हम बचाव कार्यों में तालमेल बिठाने के लिए दो मंत्रियों को मौके पर भेज रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय स्थिति पर नज़र रखेगा।'
राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जाएं, सीएम ने दिए निर्देश
फिलहाल भारी बारिश की वजह से वहां काम पहले ही रोक दिया गया था, KSDMA के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में इस इलाके में 265 mm बारिश हुई है। तो वहीं हालात के मद्देनजर मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने मंगलवार को एक आपात बैठक बुलाई , जिसमें राज्य के कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी भी शामिल हुए। इस बैठक के बाद सीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जाएं और मौसम विभाग के हर अपडेट पर नजर बनाए रखें और अलर्ट मोड पर रहें।
याद आया पुराना मंजर, साल 2024 में हुई थी 400 से ज्यादा मौतें
वायनाड के भूस्खलन की बात सुनते ही लोगों को दो साल पुराना खौफनाक मंजर याद आ गया, जिसमें सैकड़ों लोग मौत के शिकार हो गए थे। वो तबाही आज भी देश नहीं भूला है, उस भूस्खलन में सैकड़ों लोगों का घर, परिवार मिट्टी में समा गया था। मालूम हो कि 30 जुलाई 2024 को वायनाड जिले के मेप्पडी के पास हुए भूस्खलन में 400 ज्यादा लोगो मौत के शिकार हुए थे। मरने वालों में ज्यादा वो मजदूर थे जो कि चाय और इलायची तके बागों में काम करते थे।

क्या होता है भूस्खलन?
भूस्खलन या landslide एक प्राकृतिक आपदा है, जिसमें ज़मीन के खिसकने या धंसने, पहाड़ या चट्टानों से मिट्टी गिरने जैसी घटनाएं होती हैं, जिसमें बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान होता है और भयंकर तबाही होती है। इसके पीछे कारण भारी बारिश, भूकंप, बादल फटना , बाढ़ आना और वन कटाई होते हैं।
'मिट्टी कमजोर हो जाती है और नीचे की ओर धंसने लगती है'
जिसकी वजह से अचानक से मिट्टी कमजोर हो जाती है और नीचे की ओर धंसने लगती है। जिसके कारण जान-माल का नुकसान होता है। घर, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, संचार माध्यम बाधित हो जाता है। ये एक प्राकृति आपदा है, जिससे रोका नहीं जा सकता है लेकिन कुछ सावधानियों को बरतनें से भारी नुकसान और खुद को बचाया जा सकता है।
भूस्खलन से बचाव के उपाय
- अगर भारी बरसात हो रही है तो आप पहाड़ी ढलानों के पास जाने से बचें।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
- पहाड़ी क्षेत्रों में अनियंत्रित कटाई और वनों की कटाई से बचें।
- ढलानों पर उचित जल निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था करें।
- खतरे वाले क्षेत्रों में समय रहते सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।













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