Mohan Bhagwat Big News: 'हिंदू कम से कम 3 बच्चे पैदा करें', Lucknow में RSS प्रमुख ने क्यों कहा?-10 बड़े बयान
Lucknow Mohan Bhagwat Big News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने 17 फरवरी 2026 को लखनऊ में सामाजिक सद्भाव बैठक में कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने हिंदू समाज की घटती जनसंख्या पर चिंता जताई और युवाओं से कम से कम तीन बच्चे पैदा करने की अपील की।
इसके अलावा मुस्लिम समुदाय, घर वापसी, UGC गाइडलाइंस, जातिवाद और सामाजिक सद्भाव पर भी बेबाक राय रखी। भागवत का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आइए जानते हैं उनके भाषण की मुख्य हाइलाइट्स....

Lucknow Mohan Bhagwat Visit: लखनऊ प्रवास का बैकग्राउंड
मोहन भागवत 17-18 फरवरी 2026 को लखनऊ दौरे पर थे। पहले दिन निराला नगर के सरस्वती शिशु मंदिर में सामाजिक सद्भाव बैठक हुई। इसमें विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि शामिल थे जैसे सिख, बौद्ध, जैन, रामकृष्ण मिशन, इस्कॉन, आर्ट ऑफ लिविंग आदि। बैठक ढाई घंटे चली, जहां भागवत ने सवालों के जवाब दिए। दूसरे दिन युवा संवाद और प्रबुद्धजन गोष्ठी में हिस्सा लिया।
Mohan Bhagwat Hindus Three Children Statement: जनसंख्या पर बड़ा बयान, क्यों जरूरी हैं 3 बच्चे?
भागवत ने हिंदू समाज की घटती जन्मदर पर चिंता जताई। कहा, 'हिंदुओं की जनसंख्या दर 2.1 है, जो कम से कम 3 होनी चाहिए। जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह भविष्य में समाप्त हो जाता है। शादी करने वाले युवाओं को बताएं कि कम से कम तीन बच्चे पैदा करें।' उन्होंने विवाह को सृष्टि को आगे बढ़ाने का माध्यम बताया, न कि सिर्फ वासना पूर्ति का। यह बयान पहले भी नागपुर (दिसंबर 2024) और मुजफ्फरपुर (जनवरी 2026) में दिए गए बयानों से मिलता-जुलता है, जहां उन्होंने कहा था कि हिंदुओं को 3 बच्चे पैदा करने से किसी ने रोका नहीं।
Mohan Bhagwat On Muslim Community: मुस्लिम समुदाय और घर वापसी पर क्या कहा?
भागवत ने कहा, 'भारत में रहने वाले मुस्लिम भी हिंदू हैं, वे अरब से नहीं आए। उनकी जड़ें यहीं की हैं।' घर वापसी को तेज करने की बात की, लेकिन जो लोग लौटें, उनका ध्यान रखने पर जोर दिया। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच पर सवाल के जवाब में बताया कि कुछ मुस्लिम खुद संघ से जुड़ना चाहते थे, इसलिए मंच बना।
घुसपैठ और बाहरी साजिश पर चेतावनी
घुसपैठियों पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, 'घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करना होगा। उन्हें रोजगार न दें।' अमेरिका और चीन जैसे देशों से सावधान रहने की सलाह दी, जहां कुछ लोग भारत की सद्भावना के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
Mohan Bhagwat UGC Guidelines: यूजीसी गाइडलाइंस पर भागवत ने कही बड़ी बात
UGC गाइडलाइंस को किसी के खिलाफ नहीं बताया। कहा, 'कानून सबके लिए बराबर है। अगर गलत लगता है तो बदलने का तरीका है, लेकिन पालन जरूरी। मामला सुप्रीम कोर्ट में है।' उदाहरण दिया कि गिरे हुए को उठाने के लिए दोनों पक्षों से सहयोग चाहिए-एक हाथ उठाए, दूसरा झुके।
जातिवाद और समाज का बंटवारा
जातियों में बंटने पर चिंता जताई। कहा, 'जाति को कई दशकों से समाप्त करने में लगे हैं, लेकिन यह जाती नहीं। हमें जाति के चक्कर में नहीं पड़ना। समाज में विषमता दूर करने का काम हर व्यक्ति का है, सरकार या संगठन का नहीं।' मुगल-अंग्रेज शासन का जिक्र कर कहा कि वे हिंदू संस्कृति मिटा नहीं सके, तो अब कोई क्या बिगाड़ेगा।
महिलाओं और मातृशक्ति पर विचार
महिलाओं को अबला नहीं, बल्कि असुर मर्दिनी बताया। कहा, 'घर का आधार मातृशक्ति है। महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दें। पश्चिम में उन्हें पत्नी मानते हैं, हम माता। उनका वात्सल्य देखें, सौंदर्य नहीं।'
सद्भाव और सनातन दर्शन
सद्भाव बढ़ाने की अपील की। कहा, 'सद्भाव न रहने से भेदभाव होता है। हम सब एक मातृभूमि के पुत्र हैं। सनातन विचारधारा सद्भाव की है-विरोधियों को मिटाना नहीं, समझाना है।' बस्ती स्तर पर नियमित बैठकें करने की सलाह दी, ताकि गलतफहमियां दूर हों।
मोहन भागवत के ये बयान RSS की विचारधारा को दर्शाते हैं, जो सामाजिक एकता, सांस्कृतिक मजबूती और जनसंख्या संतुलन पर फोकस करती है।












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