अब जनसंख्या नियंत्रण पर आया मायावती का बयान, कहा- जरूरी मुद्दों से लोगों को भटका रही बीजेपी
लखनऊ, 13 जुलाई: विश्व जनसंख्या दिवस पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बयान दिया था, जिसको लेकर देशभर में सियासत गरमाई हुई है। अब इस मुद्दे पर बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती का बयान सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनसंख्या नियंत्रण को लेकर बीजेपी लोगों को भ्रमित कर रही है। साथ ही वो सभी को वास्तविक प्राथमिकता से भी भटका रही।

पहले ट्वीट में मायावती ने लिखा कि ऐसे समय में जब आसमान छूती महंगाई, अति गरीबी व बढ़ती बेरोजगारी आदि के अभिशाप से परिवारों का जीवन दुखी, त्रस्त और तनावपूर्ण है, वे स्वंय ही अपनी सभी जरूरतों को सीमित कर रहे हैं, तब जनसंख्या नियंत्रण जैसे दीर्घकालीन विषय पर लोगों को उलझाना बीजेपी की कौन सी समझदारी है? दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि जनसंख्या नियंत्रण दीर्घकालीन नीतिगत मुद्दा जिसके प्रति कानून से कहीं ज्यादा जागरुकता की जरूरत किन्तु बीजेपी सरकारें देश की वास्तविक प्राथमिकता पर समुचित ध्यान देने के बजाय भटकाऊ व विवादित मुद्दे ही चुन रही हैं तो ऐसे में जनहित-देशहित का सही से कैसे भला संभव? जनता दुखी और बेचैन है।
क्या था सीएम योगी का बयान?
सीएम योगी ने अपने बयान में 'मूलनिवासी' का जिक्र किया था और कहा था कि जनसंख्या नियंत्रण संतुलित होना चाहिए। ये नहीं होना चाहिए कि कुछ समुदाय की जनसंख्या विकास की गति या प्रतिशत ज्यादा हो, हम जागरूकता या बाध्य करके मूलनिवासी की जनसंख्या को स्थिर कर दें। जिन देशों में जनसंख्या असंतुलन की ऐसी स्थिति पैदा होती है, ये धार्मिक जनसांख्यिकी को प्रभावित करता है और कुछ समय के बाद अव्यवस्था और अराजकता पैदा होने लगती है।
ओवैसी ने दिया था ये बयान
सीएम योगी के बयान पर ओवैसी ने पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि वो सीएम के मूलनिवासी वाले बयान से सहमत नहीं हैं। क्या मुसलमान भारत के मूल निवासी नहीं हैं? अगर हम वास्तविकता देखें, तो मूल निवासी केवल आदिवासी और द्रविड़ लोग हैं। यूपी में बिना किसी कानून के प्रजनन दर 2026-2030 तक हासिल की जाएगी। ओवैसी के मुताबिक मुसलमानों ने सबसे अधिक गर्भ निरोधकों का इस्तेमाल किया। इस वजह से जो कुल प्रजनन दर 2016 में 2.6 प्रतिशत थी, वो अब गिरकर 2.3 प्रतिशत हो गई है।












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