72 घंटे बाद भू-समाधि से बाहर आए मौनी स्वामी, राम मंदिर को लेकर दिया ये बयान
अमेठी। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए समाधि लेने वाले मौनी स्वामी तीन दिन बाद गुरुवार की शाम को समाधि से बाहर निकल कर आए। बाबा के समाधि से निकलने की सूचना पर मिलते ही उनके आश्रम पर सैकड़ों भक्तों की भीड़ जमा हो गई। समाधि से बाहर निकले के बाद मौनी स्वामी कि वह शुक्रवार को रामलला के दर्शन कर अयोध्या जाएंगे और सरयू के किनारे 12 हजार दीपों से आरती करेंगे।

भव्य राम मंदिर के निर्माण का संकल्प लेकर मौनी स्वामी ने सोमवार शाम को 14 फीट जमीन के अंदर समाधि ली थी। मौनी स्वामी के समाधि लेने के बाद से ही आश्रम पर भजन कीर्तन होने लगा। गुरुवार को मौनी स्वामी के समाधि से बाहर निकलते ही भक्तों ने उनका दूध और गंगाजल से अभिषेक किया। उन्होंने कहा कि यह अब तक की सबसे कठिन समाधि थी। इस बार कमर से ऊपर तक पानी आ गया था। वहीं ऊपर से मिट्टी भी गिर रही थी। उन्होंने कहा कि वह राम मंदिर निर्माण हेतु समाधि में लीन हुए थे। वह शुक्रवार को अयोध्या जाकर 12 हजार दीप से प्रभु श्रीराम की आरती करेंगे और राम मंदिर निर्माण के लिए लगातार प्रयासरत रहेंगे।
नेपाल में ली थी 41 दिनों तक भू-समाधि
पहली बार समाधि लेने के लिए नेपाल के पशुपति नाथ मंदिर में गए। वहां 41 दिनों तक लगातार भू-समाधि ली थी। इससे खुश होकर नेपाल के महाराज वीरेन्द्र विक्रम शाह ने 11 हजार रुद्राक्ष और चांदी का मुकुट भेंट किया था। मौनी स्वामी अब तक नेपाल के पशुपति नाथ मंदिर में एक बार 41 दिन और एक बार 30 दिनों तक समाधि ले चुके है। नासिक में हरिधाम साधना आश्रम के सरोवर में नौ दिन की एक जल समाधि और दूसरी बार नौ दिनों में छह बार जल समाधि लिया है। टीकरमाफी आश्रम के मुंशीगंज स्थित आश्रम में 21 दिनों तक भू समाधि और एक बार जल समाधि ली है। दिल्ली में पूर्वी दिल्ली स्थित आश्रम में दो बार दस- दस दिनों तक लगातार भू समाधि शिव योगी मौनी स्वामी जी ने लिया है। नासिक में वर्ष 2016 में हुए कुंभ के दौरान पांच दिनों तक लगातार भू समाधि ली थी।
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