Mainpuri By Election: उम्मीदवारों पर मंथन, "परिवार की तिकड़ी" में फंसे अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव पहले ही हार चुकी है। अब एक बार फिर उसके सामने दोहरी चुनौती आ खड़ी हुई है। सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां की सदस्यता जाने और सपा के संरक्षक मुलायम सिंह के निधन के बाद रामपुर सदर विधानसभा और मैनपुरी लोकसभा सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है। इसमें भी सपा के लिए मैनपुरी चुनाव के काफी मायने हैं। मैनपुरी जीतने की कोशिश में जुटे अखिलेश अब उम्मीदवार के नाम पर मंथन करने में जुटे हुए हैं। हालांकि सूत्रों की माने तो अखिलेश तेज प्रताप यादव, धर्मेंद्र यादव और डिंपल यादव की तिकड़ी में फंसे हुए हैं। इसमें भी शिवपाल की टेंशन अलग से है।

मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव के लिए नामों पर मंथन
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उपचुनावों में प्रचार नहीं किया था लेकिन इस बार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मैनपुरी उपचुनाव के लिए मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं। मैनपुरी में 5 दिसंबर को उपचुनाव होने वाले हैं। इसको लेकर अखिलेश अभी से अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। सूत्रों की माने तो अखिलेश ने सैफई में डेरा डाला हुआ है और वो यादव और मुस्लिम के बीच चुनाव को लेकर चर्चा करने में जुटे हुए हैं। सूत्रों की माने तो मंगलवार या बुधवार को सपा मैनपुरी के लिए उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकती है।

मैनपुरी को लेकर जल्द उम्मीदवार की घोषणा करेगी सपा
पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव क्षेत्र के वरिष्ठ यादव नेताओं और गैर-राजनीतिक यादवों और मुस्लिम समुदाय के नेताओं के साथ उपचुनाव के संभावित उम्मीदवार पर उनके विचारों के लिए बातचीत कर रहे हैं। मैनपुरी के पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव का नाम संभावित उम्मीदवारों की सूची में सबसे ऊपर बताया जा रहा है। सपा प्रमुख एक ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतारने के लिए उत्सुक हैं, जिसे जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का समर्थन प्राप्त हो, क्योंकि मैनपुरी उपचुनाव के परिणाम न केवल पिता मुलायम के राजनीतिक विरासत पर अखिलेश की पकड़ को दर्शाएंगे बल्कि सपा के लिए भी एक माहौल तैयार करेगी।

अखिलेश ने कई नेताओं से की मुलाकात
उन्होंने मैनपुरी (सदर) से सपा के पूर्व विधायक राजकुमार यादव, पूर्व मंत्री आलोक शाक्य, पूर्व एमएलसी अरविंद यादव के साथ मैनपुरी के मुस्लिम नेताओं और पार्टी की युवा शाखा के पदाधिकारियों से मुलाकात की थी। सूत्रों की माने तो अधिकांश नेताओं का विचार है कि तेज प्रताप यादव - मुलायम के बड़े भाई के पोते और लालू प्रसाद यादव के दामाद - सही विकल्प होंगे। कन्नौज की पूर्व सांसद डिंपल यादव और बदायूं के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव के नाम भी चर्चा में थे, लेकिन सपा नेतृत्व द्वारा संभवत: मंगलवार को औपचारिक रूप से उम्मीदवार का नाम तय करने के बाद अटकलों पर विराम लग सकता है।

मैनपुरी से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं शिवपाल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हालांकि मुलायम के छोटे भाई और अखिलेश के अलग हुए चाचा शिवपाल यादव ने नेताजी के निधन के कुछ दिनों बाद मैनपुरी से चुनाव लड़ने के अपने झुकाव को सार्वजनिक कर दिया था। अब देखना ये दिलचस्प होगा कि तेज प्रताप के नाम की घोषणा के बाद शिवपाल का अगला कदम क्या होता है। एक अंदरूनी सूत्र ने कहा, "ऐसा इसलिए है क्योंकि अगर शिवपाल को किसी भी परिस्थिति में सपा उम्मीदवार का विरोध करते हुए देखा गया तो इससे यादव नाराज हो जाएगा। लंबे समय में शिवपाल को और अधिक नुकसान पहुंचा सकता है।"

शिवपाल के कदम पर भी रहेगी सबकी नजर
हालांकि शिवपाल और उनके बेटे आदित्य द्वारा जारी बयानों से पता चलता है कि दोनों सपा प्रमुख के साथ अपने पहले के मतभेदों के बावजूद यादव वंश के साथ रहने के इच्छुक थे। पीएसपी-एल के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य यादव ने पहले ही कह दिया था कि मैनपुरी उपचुनाव के लिए उम्मीदवार पर जो निर्णय परिवार में "वरिष्ठ और बुजुर्ग" लेंगे, "हर कोई" उसका पालन करेगा। सूत्रों ने कहा कि शिवपाल और आदित्य पहले भी बड़ों के सामने भी इसी तरह की भावनाओं का इजहार कर चुके हैं।












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