महाकुंभ भगदड़ पर बात करते हुए रो पड़े CM योगी, मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की मदद देने का किया ऐलान
Mahakumbh stampede: प्रयागराज में महाकुंभ में मौनी अमास्या के अवसर पर दूसरी अमृत स्नान के दिन भगदड़ मचने से 30 श्रृद्धालुओं की मौत हो गई और लगभग 60 लोग घायल हो गए। इस हृदयविदारक घटना के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आंखें भर आई और रुंधे हुए गले से बोले श्रृद्धालुओं की मौत से बहुत दुखी हूं ये मर्माहत करने वाली घटना है। उन सभी परिजनों के प्रति हमारी संवेदना है जिन्होंने इस दुखद घटना में अपनों को खो दिया है।
इसके साथ ही सीएम योगी ने महाकुंभ में हुई भगदड़ में मारे गए परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त ककी और मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के लिए 25 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की।

सीएम योगी ने बताया कि हम लोग कल रात में इस घटना के होने के बाद से ही वो मेला प्राधिकरण पुलिस प्रशासन के संपर्क में हैं। मेला प्राधिकरण, पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य सभी व्यवस्थाएं जो की जा सकती थीं, वहां तैनात कर दी गई हैं। सीएम ने बताया मृतकों के परिजनों को शव सौंपा जा चुका है और घायलों का प्रयागराज के अस्पताल में इलाज चल रहा है। जिन घायलों को छुट्टी दे दी गई है, वो अपने परिवार के सदस्यों के साथ चले गए हैं।
जांच के लिए गठित की गई टीम
सीएम योगी ने बताया कि स्थित से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया है और घटना की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया है। न्यायमूर्ति हर्ष कुमार, पूर्व डीजी वीके गुप्ता और सेवानिवृत्त आईएएस डीके सिंह के नेतृत्व वाले इस आयोग को राज्य सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का काम सौंपा गया है।
करोड़ों की संख्या में जुटे श्रद्धालु
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया ये दुखद घटना महाकुंभ के मौनी आमास्या के प्रमुख ' अमृत स्नान' के दौरान हुई। उन्होंने बताया मौनी आमास्या के कारण प्रयागराज में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु जुटे थे, प्रयागराज के सारे मार्ग अवरुद्ध थे। प्रशासन उन मार्गों को साफ करने के लिए कल रात से प्रयास किया जा रहा था।
सीएम योगी ने बताया कैसे हुआ हादसा
इतनी संख्या में संगम स्थल पर शाही स्नान से पहले ब्रह्म मुहूर्त से पहले रात एक से दो के बीच में बड़ी संख्या में श्रृद्धालुओं की भीड़ अखाड़ा मार्ग पर जमा हो गई। इसके कारण वहां लगे बैराकैटिंग टूट गए और संगम किनारे ब्रह्म मुहूर्त की पवित्र डुबकी लगाने के लिए इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं को कुचल दिया। जिसमें 30 भक्तों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए।












Click it and Unblock the Notifications