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OI Exclusive: इनकी मूंछें देख 'नत्थूलाल' भी खा जाते चक्कर! मिल रहा सरकारी भत्ता, महाकुंभ में बनी VIP पहचान

Mahakumbh Mustache Constable Dilip Kumar: 'भाई मूछें हों तो नत्थूलाल जैसी हों वरना ना हो..., ' यह सुनकर फिल्म "शराबी" के नत्थू लाल का चेहरा जेहन में आ गया होगा, जिनकी मूंछें उनकी पहचान बन गई थीं। लेकिन असल ज़िंदगी में क्या मूंछें आपकी पहचान बन सकती हैं?

अगर यह सवाल दिलीप कुमार से पूछें, तो जवाब मिलेगा- "बिल्कुल!" यूपी पुलिस के सिपाही दिलीप कुमार (Constable Dilip Kumar) अपनी बड़ी और घनी मूंछों के लिए मशहूर हैं। उनकी मूंछें न केवल उनकी पहचान हैं, बल्कि आत्मविश्वास और अनुशासन का प्रतीक भी बन गई हैं।

Mahakumbh Mustache Constable Dilip Kumar

दिलीप ने अपनी मूंछों को एक अलग अंदाज और गर्व के साथ अपनाया है। उनकी यह खासियत न केवल लोगों के बीच चर्चा का विषय है, बल्कि उन्हें कई सरकारी भत्ते और वीआईपी तैनातियां भी दिलाती है। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में दिलीप कुमार को उनकी इस अनोखे स्टाइल ने उन्हें मशहूर कर दिया है।वन इंडिया के दिव्यांश रस्तोगी से खास बातचीत में दिलीप ने बताया कि आखिर कैसे मेंटेन रखते हैं मूंछें और कहां से प्रेरणा मिली?

मूंछ रखने की प्रेरणा कहां से मिली?

वर्ष 2018 में भर्ती सिपाही दिलीप कुमार बताते हैं कि मूंछ रखना उनके परिवार की परंपरा है। उनके दादा और पिता सभी घनी मूंछ रखते थे। यह पारिवारिक गर्व का हिस्सा है, जिसे दिलीप ने भी पूरे सम्मान के साथ अपनाया। उनके परिवार के कई सदस्य देश की सेवा में हैं, जिससे उनका जुड़ाव देशभक्ति और अनुशासन से गहरा है।

मूंछों की देखभाल: खर्च, भत्ता और मेहनत का मेल

दिलीप अपनी मूंछों की देखभाल पर हर महीने ₹2600-₹3000 खर्च करते हैं। वे बताते हैं कि मूंछों को शाइनी और व्यवस्थित रखने के लिए बीयर्ड ऑयल, तेज़, शेविंग और कटिंग पर ध्यान देना पड़ता है। हालांकि सरकार उन्हें ₹500-₹600 का मासिक भत्ता देती है, लेकिन उनका वास्तविक खर्च इससे कहीं अधिक है।

पूरी पीढ़ी देश की सेवा में लीन

वर्ष 2018 में भर्ती सिपाही दिलीप के परिवार के कई सदस्य भारतीय सेना और पुलिस में सेवा दे चुके हैं। उनके दादा पतेश्वर राम लद्दाख में कांस्टेबल पद तैनात थे, बड़े पापा शिव बदन आर्या वाराणसी के भुल्लनपुर में दरोगा रहे, और उनके बड़े भाई प्रदीप कुमार (32) सीआरपीएफ जम्मू कश्मीर में तैनात हैं। वहीं, छोटा भाई अरुण इंडियन तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) में कांस्टेबल हैं। यह पूरी पीढ़ी देश की सेवा के लिए समर्पित है, और दिलीप अपनी मूंछों के जरिए इस परंपरा को अलग अंदाज़ में आगे बढ़ा रहे हैं।

कौशल और मूंछों की वजह से VIP तैनाती

दिलीप बताते हैं कि 2019 के प्रयागराज अर्धकुंभ में भी मूंछों के कारण ही तैनाती मिली। वहीं, 2024 में अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दौरान भी ड्यूटी लगाई गई थी। इतना ही नहीं, अमेठी, लखनऊ, सीतापुर में वीआईपी कार्यक्रमों में तैनाती मिलती रही है।

वर्तमान पोस्टिंग आपकी कहां है?

दिलीप कुमार इस समय यूपी के सीतापुर में 27 बटालियन में तैनात हैं। वे गाजीपुर के परमवीर चक्र से सम्मानित वीर अब्दुल हमीद के गांव धामूपुर के निवासी हैं, जो 1965 के भारत-पाक युद्ध के नायक थे। दिलीप इस विरासत को गर्व के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।

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