Prayagraj Mahakumbh 2025: महाकुंभ में हजारों ईसाई-मुस्लिम करेंगे घरवापसी, तैयार किया गया प्लान
Prayagraj Mahakumbh 2025: महाकुंभ 2025 का आगाज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) में 13 जनवरी से होगा, जो 26 फरवरी तक चलेगा। इस भव्य आयोजन में करीब 40 करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं के लिए संगम की रेती पर तंबुओं का विशाल शहर बस चुका है।
महाकुंभ में अध्यात्म की अलख जगाने के लिए के लिए संत और धर्मगुरु पहुंच चुके हैं। इस साल महाकुंभ स्थल से संतों ने देशभर में सनातन संस्कृति की गरिमा और नैतिकता को बढ़ाने का संकल्प लिया है। जी न्यूज़ की खबर के मुताबिक, महाकुंभ में इस बार हजारों ईसाई और मुस्लिमों की घर वापसी की तैयारियों का प्लान भी बनाया गया है।

Prayagraj Mahakumbh 2025: हजारों लोग संपर्क
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि भारत भर से हज़ारों लोग उनसे संपर्क कर चुके हैं। कई लोग जिनके पूर्वज डर या प्रलोभन के कारण हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई या इस्लाम में परिवर्तित हो गए थे, अब वापस लौटना चाहते हैं। इस उद्देश्य के लिए एक संरचित घर वापसी योजना बनाई गई है।
साधु-संत कराएंगे घर वापसी
उन्होंने कहा कि साधु संत वर्षों पुराने सनातनियों की घर वापसी कराएंगे।एक अनुमान के मुताबिक, करीब 20 से अधिक लोगों की महाकुंभ में सनातन धर्म में वापसी कराई जाएगी। वहीं, मथुरा वृंदावन धाम के बटुक जी महाराज ने बताया कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोगों से उनका संपर्क है।
ये लोग, जो कभी हिंदू थे, अब मुस्लिम या ईसाई बन गए हैं, महाकुंभ में भाग लेकर अपने पूर्वजों के सनातन धर्म और संस्कृति से फिर से जुड़ने के लिए उत्सुक हैं। घर वापसी की प्रक्रिया पहले स्नान पर्व से शुरू होती है। संगम स्नान के बाद हिंदू धर्म में पुनः शामिल होने से पहले प्रतिभागियों को वैदिक मंत्रों, यम नियम और पंच गव्य के माध्यम से शुद्धिकरण से गुजरना होगा।
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स्वेच्छा से सनातन धर्म में वापस लौटने की जाहिर की इच्छा
महंत रवींद्र पुरी ने जोर देकर कहा कि कई लोगों ने स्वेच्छा से वापस लौटने की इच्छा व्यक्त की है। महाकुंभ के दौरान उन लोगों की वापसी के लिए तैयारियां चल रही हैं, जिन्होंने सालों पहले ईसाई या इस्लाम धर्म अपना लिया था। इस पहल से उम्मीद है कि इन प्रयासों के ज़रिए 20 से ज़्यादा लोग सनातन धर्म में वापस शामिल होंगे।
महाकुंभ में मिलेगा मार्गदर्शन और सहायता
महंत रविन्द्र पुरी ने उन सभी लोगों का स्वागत किया जो अपने पूर्वजों की आस्था में वापस लौटना चाहते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अखाड़ा परिषद और संत समाज उन्हें फिर से सनातनी बनने में सहयोग करेगा। पहला स्नान पर्व इस घर वापसी की यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। अपनी जड़ों से फिर से जुड़ने की इच्छा रखने वालों को महाकुंभ में मार्गदर्शन और सहायता मिलेगी।
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