Mahakumbh 2025: 95 साल की मां को महाकुंभ ले जा रहे कलयुग के इस श्रवण कुमार ने सबको किया भावुक, देखें Video
Mahakumbh 2025 Viral Video: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 144 साल बाद लगे महायकुंभ मेले में करोड़ों की संख्या में श्रृद्धालु पहुंच रहे हैं। सोशल मीडिया पर महाकुंभ मेले के कई वीडियो और फोटो वायरल हो रही हैं। कुछ वीडियो ऐसे हैं जो लोगों को बड़ा ही प्रभावित कर रहे हैं।
महाकुंभ से जुड़ा एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसे देखकर हर कोई भावुक हो रहा है और जमकर तारीफ कर रहे है। ये वीडियो एक 95 वर्षीय मां और 65 वर्षीय बेटे का है।

इस वीडियो में 65 वर्षीय बेटा अपनी 95 वर्षीय मां को हाथगाड़ी में बिठाकर महकुंभ में स्नान करवाने के लिए ले जाता नजर आ रहा है। ताज्जुब की बात 65साल की उम्र में ये बेटा स्वयं इस लकड़ी की गाड़ी को अपने कंधों पर खींचता हुआ नजर आ रहा है।
बेटे के मां के प्रति अथाह प्रेम को देख लोग हुए भावुक
95 वर्षीय मां को हाथ गाड़ी वाली बग्घी में बिठाकर अपने जीवन की अनोखी यात्रा कर रहे इस बेटे को लोग कलयुग का श्रवण कुमार कह रहे हैं। महाकुंभ में अपन बूढ़ी मां को स्नान करवाने की इस बेटे की इच्छा और अनूठे तरीके ने लोगों का दिल जीत लिया है। लोग इस वीडियो में बेटे के मां के प्रति अथाह प्रेम को देखकर लोग भावुक होकर कमेंट कर रहे हैं।
कौन हैं ये कलयुग का श्रवण कुमार?
वीडियो में नजर आ रहा 65 वर्षीय इस शख्स का नाम चौधरी सुदेश पाल है। मुजफ्फरपुर के खतोली ब्लॉक के रहने वाले सुदेश पाल अपनी 95 वर्षीय मां जगबीरी देवी को हाथगाड़ी में बिठाकर महाकुंभ में गंगा स्नान के लिए ले जा रहे हैं। उन्होने अपनी मां को पैदल महाकुंभ ले जाने का संकल्प लिया है।
पैदल तय करेंगे 780 किमी की यात्रा
सुदेश पाल अपनी मां की हाथगाड़ी को खींचकर मुज्जफरपुर से प्रयागराज 780 किलो पैदल सफल तय करेंगे। सुदेश पाल को अनुमान है कि उनकी यात्रा 1 3 दिनों में पूरी हो जाएगी। रास्ते भर जोश से सुदेश पाल त्रिवेदी महा प्रयाग की जय, बोलो त्रिवेणी मैय्या की जय, बोलो गंगा मइया की जय बोलते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
सुदेश पाल के 4 साल पहले घुटने हो गए थे खराब लेकिन...
सुदेश पाल ने बताया कि उनके दोनों घुटने चार साल पहले खराब हो गए थे। डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था और कहां था कि मेरे घुटने का ऑपररेशन भी नहीं हो सकता लेकिन मेरी मां के आर्शीवाद और उनकी दुआओं ने चमत्कार कर दिया और मेरे घुटने सही हो गए।
सुदेश पाल ने क्यों लिया इतना कठिन संकल्प
सुदेश पाल ने बताया हर दिन सुबह जब मैं अपनी मां के पैर छूकर नमन करता हूं तब वो ये ही आर्शीवाद देती हैं तेरी आंखे और घुटने बने रहें। ये मां का आर्शीवाद और पुरखों की दुआ है कि मेरे दोनों घुटने सही हो गए। इसलिए मैंने अपनी मां को बग्घी पर बिठाकर महाकुंभ में गंगा स्नान करवाने पैदल जाने का संकल्प लिया है।












Click it and Unblock the Notifications