Mahakumbh 2025:'80% मस्जिदें प्राचीन मंदिरों पर बनीं, खाली कराई जाएं', महाकुंभ में बोले अखाड़ा प्रमुख

Mahakumbh 2025: महाकुंभ 2025 के दौरान अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि मस्जिदों में तब्दील प्राचीन मंदिरों को हिंदुओं को वापस किया जाना चाहिए। महंत रवींद्र पुरी ने दावा किया कि भारत में लगभग 80% मस्जिदें प्राचीन मंदिरों पर बनी हुई हैं, और यह समय है कि इस मुद्दे को सुलझाया जाए।

महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि जब मैं पूरे भारत में धर्म प्रचार के लिए गया, तो मैंने पाया कि कई मस्जिदों के गुंबद मंदिरों की तरह दिखते हैं। मस्जिदों के अंदर भी सनातन धर्म के प्रतीक मिलते हैं। यह स्पष्ट है कि वे मंदिरों पर बने हैं। हम बार-बार अनुरोध करते हैं कि इन संरचनाओं को हिंदुओं को सौंपा जाए।"

Mahakumbh 2025

उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्म के मंदिरों और मठों की सुरक्षा के लिए सनातन बोर्ड का गठन होना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे वक्फ बोर्ड मुसलमानों के लिए कार्य करता है।

धर्म संसद का आयोजन

  • 27 जनवरी को धर्म संसद आयोजित की जाएगी।
  • इस आयोजन में देशभर के प्रमुख संत और धर्मगुरु शामिल होंगे।
  • मुख्य मुद्दा सनातन बोर्ड का गठन और मंदिर-मठों की सुरक्षा होगा।

मुसलमानों के कुंभ में आने पर क्या कहा?

जब महाकुंभ में मुसलमानों की भागीदारी पर सवाल उठाया गया, तो महंत पुरी ने स्पष्ट किया कि हमने कभी मुसलमानों के कुंभ में आने का विरोध नहीं किया। हमारा विरोध केवल उन लोगों से है, जो 'लव जिहाद', 'भूमि जिहाद', या सनातन धर्म का अपमान करते हैं। साधारण मुसलमानों से हमें कोई समस्या नहीं है। वे आएं और हमारे धर्म को समझें।

कांग्रेस पर आरोप और मोदी सरकार की सराहना

महंत रवींद्र पुरी ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अखाड़ों को कमजोर करने की कोशिश की। आगे कहा कि कांग्रेस ने हमेशा मुसलमानों को प्राथमिकता दी और अखाड़ों को रचनात्मक कार्य नहीं करने दिया। नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद अखाड़ों को नई ताकत मिली है।

महाकुंभ 2025 में बदलाव

महंत पुरी ने महाकुंभ से जुड़े कुछ शब्दों में बदलाव का भी जिक्र किया...

  • शाही स्नान को अब अमृत स्नान कहा जाएगा।
  • पेशवाई को अब छावनी प्रवेश कहा जाएगा।

महंत पुरी ने कहा कि हमने यह बदलाव भगवान और सनातन धर्म के प्रति आदर दिखाने के लिए किया है। यह किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है।

पहला अमृत स्नान

महाकुंभ का पहला अमृत स्नान मकर संक्रांति के अवसर पर मंगलवार सुबह 5:30 बजे शुरू होगा।

महंत रवींद्र पुरी का बयान महाकुंभ 2025 के दौरान एक अहम मुद्दा बन गया है। धर्म संसद में सनातन बोर्ड और प्राचीन मंदिरों की वापसी जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह प्रयास हिंदू-मुसलमान के बीच विवाद पैदा करने के लिए नहीं, बल्कि सनातन धर्म और उसकी परंपराओं की रक्षा के लिए है।

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