Maha Kumbh Video: आस्था पर दाग! महाकुंभ में महिलाओं के वीडियो बनाकर बेचने वाले गिरफ्तार, YouTuber भी शामिल
Maha Kumbh Video: महाकुंभ 2025 में आस्था के इस महापर्व को बदनाम करने की कोशिश करने वाले आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। स्नान करने आई महिलाओं के वीडियो बनाकर उन्हें ऑनलाइन बेचने और वायरल करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गुजरात पुलिस की साइबर टीम ने इन तीनों आरोपियों को अलग-अलग जगहों से पकड़ा है। इनमें एक आरोपी प्रयागराज का यूट्यूबर भी शामिल है, जिसने महाकुंभ में स्नान कर रही महिलाओं के वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए थे। पुलिस ने आरोपियों से जुड़े अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच शुरू कर दी है।

वीडियो बनाने और बेचने का बड़ा खुलासा
महाकुंभ में हर दिन लाखों श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन इस बीच कुछ शरारती तत्व महिलाओं की निजता भंग कर रहे हैं। पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि आरोपी गुप्त रूप से महिलाओं के स्नान के वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे और उन्हें ऊंचे दामों पर बेच भी रहे थे।
इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए कुंभ मेला पुलिस ने कई सोशल मीडिया अकाउंट्स को ट्रैक किया और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। गुजरात पुलिस को इस रैकेट से जुड़े कई अहम सुराग मिले थे, जिसके बाद आरोपियों को धर-दबोचा गया।
प्रयागराज का यूट्यूबर 'सीपी मोंडा' गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों में प्रयागराज के चंद्र प्रकाश का नाम सामने आया है, जो 'सीपी मोंडा' नामक यूट्यूब चैनल चलाता था। पुलिस ने पाया कि उसने महिलाओं के स्नान करते हुए वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड किए थे।
साइबर अपराध (अहमदाबाद) की डीसीपी लवीना सिन्हा ने बताया कि चंद्र प्रकाश लंबे समय से यूट्यूब पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट कर रहा था। पुलिस को उसके पास से कई ऐसे वीडियो मिले हैं, जिनमें महाकुंभ में स्नान कर रहीं महिलाओं की निजता का उल्लंघन किया गया है।
चंद्र प्रकाश के अलावा, महाराष्ट्र के लातूर और सांगली से प्रज्वल तैली और प्रज पाटिल नाम के दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों आरोपियों ने राजकोट के एक अस्पताल में महिला मरीजों के रिकॉर्ड किए गए वीडियो को टेलीग्राम के जरिए शेयर किया था।
पुलिस की जांच में पता चला कि ये आरोपी इंटरनेट से वीडियो डाउनलोड कर उन्हें बेचते थे। इन लोगों ने महिला मरीजों के वीडियो भी लीक किए और यूट्यूब पर आपत्तिजनक कंटेंट शेयर कर पैसा कमाने की कोशिश की।
क्या पैसे कमाने के लिए किए गए थे वीडियो वायरल?
पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या चंद्र प्रकाश ने भी पैसे कमाने के लिए ये वीडियो शेयर किए थे या फिर यह सिर्फ सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने की कोशिश थी। हालांकि, महाराष्ट्र से गिरफ्तार किए गए आरोपी चंद्र प्रकाश से सीधे तौर पर जुड़े नहीं थे, लेकिन सभी का मकसद एक ही था-महिलाओं की निजता भंग कर वीडियो से मुनाफा कमाना।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
महाकुंभ जैसे धार्मिक आयोजन में इस तरह की हरकतें को लेकर पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें। इस मामले में अभी और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। महाकुंभ मेले में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। स्नान घाटों और शिविरों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।












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