Loksabha Election 2024: नीतीश कुमार के बाद अब पटना में सियासी ताकत का एहसास कराएंगे ओम प्रकाश राजभर
ओम प्रकाश राजभर सात अक्टूबर को पटना में एक बड़ी सियासी रैली करने की योजना बना रहे हैं। इस रैली में बीजेपी समेत कई दलों के नेता शामिल हो सकते हैं।
Om Prakash Rajbhar and BJP: बिहार की राजधानी पटना में हाल ही में सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई में कांग्रेस समेत तमाम दलों के नेताओं का जमावड़ा लगा था। इस जुटान में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी, सपा के प्रमुख अखिलेश यादव समेत तमाम हस्तियां जुटी थीं। नीतीश की इस कवायद के बाद अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के चीफ राजभर ने भी पटना में सियासी ताकत दिखाने की तैयारी शुरू कर दी है।
सात अक्टूबर को पटना में होगी महारैली
एसबीएसपी के सूत्रों की माने पटना में 7 अक्टूबर को ओम प्रकाश राजभर बड़ी रैली का आयोजन करने की तैयारी में हैं। सात अक्टूबर पार्टी की स्थापना दिवस का दिन है और इस दिन विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा जिसमें बीजेपी समेत कई दलों के नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

जल्द होगा राजभर-बीजेपी के गठबंधन का ऐलाान
बीजपी के सूत्रों की माने तो राजभर और बीजेपी के बीच गठबंधन का ऐलान जल्द ही हो सकता है। राजभर ने बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मिलने का समय मांगा है जिसमें गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शामिल हैं। इस मुलाकात के बाद ही गठबंधन की रूपरेखा तय हो जाएगी। अटकलें ये भी हैं कि केंद्र में मंत्रिमंडल विस्तार से पहले ही ये मुलाकात हो सकती है।
विधानसभा के बाद बीजेपी के करीब आए राजभर
ओम प्रकाश राजभर हालांकि लगातार यह कह रहे हैं कि अभी उनका किसी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं है लेकिन बीजेपी और उनके बीच जिस तरह से अंदरखाने कवायद चल रही है उससे यही लग रहा है कि जल्द ही गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला लिया जा सकिता है। हालांकि विधानसभा चुनाव के बाद से ही राजभर लगातार बीजेपी के संपर्क में हैं और कई मौकों पर उनका साथ भी दे चुके हैं।
अखिलेश के साथ मिलकर लड़ा था विधानसभा चुनाव
इससे पहले विधानसभा चुनाव के दौरान राजभर ने अखिलेश के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। इसका असर ये हुआ कि पूर्वांचल की कई सीटों पर बीजेपी का सफाया हो गया था। चुनाव परिणाम के बाद बीजेपी ने पूर्वांचल की 27 लोकसभा सीटों पर राजभर वोटरों का आंकड़ा तैयार किया है जिसका इस्तेमाल वो बीजेपी के साथ डील के दौरान करेंगे। राजभरों की आबादी के हिसाब से राजभर बारगेनिंग करने का प्रयास करेंगे।
सपा के साथ पूर्वांचल में किया था अच्छा प्रदर्शन
विधानसभा चुनाव के दौरान राजभर ने जब अखिलेश यादव के साथ गठबंधन किया था तब उन्होंने चुनाव से ठीक पहले 27 अक्टूबर को मऊ में एक बड़ी महारैली का आयोजन किया था जिसमें अखिलेश यादव भी पहुंचे थे। लेकिन चुनाव के बाद दोनों दलों की राहें अलग-अलग हो गईं। खासतौर से विधानसभा चुनाव के बाद आजमगढ़ लोकसभा के उपचुनाव में राजभर ने अखिलेश पर यह आरोप लगाया था वह एसी कमरों में बैठकर राजनीति करते हैं।
बीजेपी के साथ बड़ी डील करने में जुटे हैं राजभर
बीजेपी औ राजभर के बीच बढ़ रही नजदीकीयों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजभर के पुत्र अरुण राजभर की शादी के बाद बनारस में हुए रिसेप्शन में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत राजनीतिक जगत की तमाम हस्तियां जुटी थीं। हालांकि इस रिसेप्शन का न्यौता पीएम मोदी और सीएम योगी को भी भेजा गया था लेकिन ये लोग नहीं पहुंचे थे। हालांकि पत्र के माध्यम से दोनों नेताओं ने अपनी शुभकामनाएं दी थीं।
रैली में शामिल होंगे कई बड़े नेता
इस कवायद को लेकर एसबीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर कहते हैं कि रैली का आयोजन किया जाएगा लेकिन अभी इसमें कितनों दलों के नेता पहुंचेंगे यह कुछ नहीं बता सकते। लेकिन पार्टी बड़ी रैली का आयोजन करेगी।












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