यूपी में सांसदों-मंत्रियों के खराब प्रदर्शन की रिपोर्ट तैयार कर रही भाजपा, सीएम योगी ने लिया फीडबैक
लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश में भारी सीटों पर मिली हार के कारण भारी नुकसान सहना पड़ा है। चुनाव परिणाम के बाद से लगातार यूपी में भाजपा को मिली हार की वजहें तलाशने में भाजपा जुटी हुई है।
इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में भाजपा लोकसभा चुनाव में हारे हुए अपने मंत्रियों और सांसदों के प्रदर्शन की रिपोर्ट तैयार कर रही। ये रिपोर्ट जल्द ही भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को सौंपी जाएगी। उत्तर प्रदेश के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही मंत्रियों से फीडबैक ले चुके हैं।

बता दें लोकसभा चुनाव में भाजपा को उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में सीटों का नुकसान हुआ है, जिसके चलते 2014 और 2019 की तरह भाजपा 2024 में अकेले दम पर सरकार बनाने में कामयाब नहीं हो पाई है, पीएम मोदी के प्रतिनिधित्व में भजपा ने एनडीए में अपनी सहयोगी पार्टियों के साथ मिलकर गठबधंन की सरकार बनाई है।
गौरतलब है कि यूपी में भाजपा ने 80 लोकसभा सीटों में महज 33 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं 2019 के चुनाव में भाजपा ने 63 सीटों पर जीत हासिल की थी। इस हारने वाले उम्मीदवारों में 7 भाजपा सरकार के मंत्री भी शामिल थे।
वहीं इस हार के बाद पिछले साल, विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने के लिए मंत्रियों को 75 जिलों और 80 लोकसभा क्षेत्रों का प्रभारी बनाया गया था। प्रयासों के बावजूद, मंत्रियों ने कार्यान्वयन में किसी भी कमी या मतदाता मोहभंग की रिपोर्ट नहीं की।
जहां भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी पिछले चुनावों की तरह बूथों का प्रबंधन प्रभावी ढंग से करने में विफल रही। वहीं भाजपा के करीब एक दर्जन उम्मीदवारों ने अपनी हार का कारण भाजपा में अंदरूनी भितरघात को बताया।
फतेहपुर में सपा के नरेश उत्तम से हारने वाली केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने पार्टी के कुछ नेताओं पर मतदाताओं में भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया। वहीं संजीव बालियान ने मुजफ्फरनगर में अपनी हार के लिए संगीत सोम को जिम्मेदार ठहराया और उनकी तुलना जयचंद से की।
वहीं एटा में हारे राजवीर सिंह ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा तोड़फोड़ का जिक्र किया। सहारनपुर में उम्मीदवार राघव लखनपाल ने पार्टी की प्रचार रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि परंपरागत भाजपा मतदाताओं ने कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन किया। नेताओं ने सुभासपा और निषाद पार्टी जैसे सहयोगियों की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए। उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज लगातार तीसरी बार जीते, लेकिन उन्होंने पार्टी को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।












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