अखिलेश यादव को वाराणसी में CM मोहन यादव ने घेरा, कहा- डूबते हुए जहाज पर बैठने वाले को कौन बचा सकेगा
lok sabha election 2024: 1 जून को होने वाले अंतिम चरण के चुनाव प्रचार के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी सिलसिले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 26 मई को अपने दो दिवसीय दौरे पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी पहुंचें। यहां रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के सीर गोवर्धन इलाके में जनसभा की।
जनसभा को संबोधित करते हुए एमपी सीएम मोहन यादव ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव के लिए सबसे ज्यादा मुश्किलें खड़ी करने का काम किसी पार्टी ने किया है तो वह कांग्रेस है। उन्होंने अखिलेश पर तंज कसा कि अगर आप डूबते हुए जहाज में बैठोगे तो आपको कौन बचा सकेगा।

दरअसल, एमपी सीएम मोहन यादव शाम 4:45 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद उनका काफिला रोहनिया विधानसभा क्षेत्र में स्थित संत रविदास मंदिर पहुंचा। यहां उन्होंने मत्था टेका और आशीर्वाद लिया। इसके बाद सभा स्थल पर पहुंचे। सीएम यादव ने पिछले 10 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए विकास की प्रशंसा की।
उन्होंने काशी विश्वनाथ, महाकाल उज्जैन, द्वारका और इंद्रप्रस्थ जैसे धार्मिक स्थलों के विकास पर प्रकाश डाला। जनसभा के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि वह भगवान भोलेनाथ की नगरी काशी में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी का समर्थन करने आए हैं। अपने दौरे के दौरान उन्होंने संत शिरोमणि रविदास जी के दर्शन भी किए।
सीएम यादव ने विश्वास जताया कि चुनाव प्रचार के दौरान मिले समर्थन के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारी मतों से जीतेंगे। इस दौरान सीएम यादव ने पीएम मोदी की समावेशी नीति 'सबका साथ सबका विकास' पर प्रकाश डाला। तो वहीं, अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि आपको मुख्यमंत्री बना दिया गया, लेकिन अन्य पार्टियां सांसदों के लिए टिकट तक नहीं देती हैं।
उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव को सबसे ज्यादा परेशानी कांग्रेस ने ही दी है। सपा का मजाक उड़ाते हुए उन्होंने कहा कि अगर आप डूबते जहाज में बैठेंगे तो आपको कोई नहीं बचा सकता। डॉ. यादव ने पिछले चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 में भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई थी।
उन्होंने कहा कि 2019 में यूपी में सोनिया गांधी के लिए सिर्फ एक सीट बची थी। वहीं, अमेठी से चुवाव हारने के बाद राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश छोड़कर केरल भागना पड़ा। डॉ. यादव ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर समुद्र न होता तो राहुल गांधी को अरब से नामांकन दाखिल करते।
डॉ. यादव ने दावा किया कि इस चुनावी मौसम में अमेठी की जनता ने राहुल गांधी को उनकी असलियत दिखा दी है। उन्होंने कहा कि इसी का नतीजा है कि राहुल को अपनी मां की सीट से नामांकन दाखिल करना पड़ा।












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