Lok Sabha Chunav 2024: स्मृति ईरानी का अमेठी से जुड़ा नया नाता, चुनाव से ठीक पहले निभाया अपना ये वादा
Lok Sabha elections UP: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेठी के लोगों के साथ परिवारिक नाता स्थापित करने का अपना वादा निभाया है। घर बनाने के बाद वह अब अमेठी से ही मतदाता भी बन गई हैं। ईरानी लगातार तीसरी बार अमेठी से लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार हैं और पिछली बार उन्होंने यहां से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हराया था।
स्मृति ईरानी के सांसद प्रतिनिधि विजय गुप्ता के मुताबिक उन्होंने पहले गौरीगंज के मेदन मवई गांव में अपने लिए एक घर बनाने के बाद यहां से मतदाता बनने के लिए आवेदन दिया था। उन्होंने बताया कि अब वह इस गांव की वोटर बन गई हैं। उनके मुताबिक केंद्रीय मंत्री अमेठी को अपना परिवार मानती हैं। गुप्ता ने कहा कि उन्होंने यहां अपना एक आवास बनवाया है, ताकि अमेठी के परिवार के बीच रह सकें।

अमेठी की वोटर बनीं स्मृति ईरानी
सांसद प्रतिनिधि ने जानकारी दी है कि घर बनने के साथ ही उन्होंने खुद को अमेठी का वोटर बनाने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी थी। अब जाकर वह औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय महिला और बाल विकास और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अब मेदन मवई गांव के बूथ नंबर 347 की मतदाता बन चुकी हैं।
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फरवरी में ही मेदन मवई में बने नए घर में प्रवेश किया है
उन्होंने बताया कि मेदन मवई गांव गौरीगंज विधानसभा सीट का हिस्सा है, जो अमेठी संसदीय क्षेत्र में आता है। केंद्रीय मंत्री ने इसी साल 22 फरवरी को मेदन मवई गांव में बने अपने नव-निर्मित घर में प्रवेश किया था। बीजेपी ने इस बार भी उन्हें अमेठी लोकसभा क्षेत्र से पार्टी का प्रत्याशित घोषित किया है।
2019 में अमेठी से हार गए थे राहुल गांधी
अमेठी में 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को करीब 55 हजार वोटों से हराकर कांग्रेस को बहुत ही तगड़ झटका दिया था। हालांकि, राहुल गांधी ने तब केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ा था और उन्हें वहां जाकर सफलता मिल गई थी। इस बार भी वे वायनाड सीट से ही भाग्य आजमा रहे हैं।
अमेठी में पांचवें चरण में 20 मई को मतदान होना है, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने अभी तक यहां से किसी को उम्मीदवार नहीं घोषित किया है। अमेठी के साथ-साथ पड़ोस की रायबरेली सीट पर भी पार्टी ने किसी का नाम नहीं दिया है। यहां से कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और राहुल की मां सोनिया गांधी सांसद हैं, लेकिन वह राज्यसभा में जा चुकी हैं। (इनपुट-पीटीआई)












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