Lakhimpur: बीजेपी नेताओं को काले झंडे दिखाने गया था लवप्रीत, शाम को शव के साथ मिला टूटा हुआ फोन
लखनऊ, 7 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में रविवार को किसान डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या को काले झंडे दिखाने के लिए इकट्ठे हुए थे। इसी दौरान एक गाड़ी ने प्रदर्शनकारियों को रौंद दिया। जिसके बाद भीड़ बेकाबू हो गई और जमकर बवाल हुआ। इस घटना में 8 लोगों की मौत हुई है। जिसके लिए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर मृतकों के परिजनों की दुखभरी कहानियां भी सामने आ रही हैं।

मृतकों में 19 साल का नौजवान लवप्रीत भी शामिल था। उसके पिता ने बताया कि उनका बेटा बीजेपी नेताओं को काले झंडे दिखाने गया था। शाम को खबर मिली कि गाड़ी से कुचलकर उसे मार दिया गया। जब परिजन वहां पर पहुंचे तो उनको लवप्रीत की सिर्फ कुछ निशानियां ही मिलीं, जैसे- उसका मोबाइल फोन। उसके पिता बेटे की निशानी दिखाते हुए भावुक हो गए। साथ ही सरकार से इंसाफ की गुहार लगाई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लवप्रीत उन लोगों में शामिल है, जिनकी मौत कार की टक्कर की वजह से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मानें, तो घसीटने की वजह से उसके शरीर पर चोट के काफी निशान थे। इसके अलावा शॉक और हेमरेज को मौत की वजह बताई गई। वहीं अन्य मृतक गुरविंदर सिंह, दलजीत सिंह और छत्र सिंह के मौत की वजह भी शॉक और हेमरेज थी।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
लखीमपुर बवाल का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। वहां पर गुरुवार को इस संबंध में सुनवाई हुई। इस पर कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा कि अब तक मामले में कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई है। साथ ही कुल कितने लोगों को आरोपी बनाया गया है। अब यूपी सरकार शुक्रवार को सब जानकारियों के साथ स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करेगी। वहीं अगले साल की शुरुआत में यूपी में विधानसभा के चुनाव हैं, जिस वजह से इस घटना ने पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले लिया है। इलाके में अभी भी राजनीतिक दलों के नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है।












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