Atiq Ahmed और Ashraf के कातिलों का जानें क्रिमिनल बैकग्राउंड, किसी पर 15 तो..किसी पर दर्ज हैं 14 मुकदमे
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या करने वाले तीनों शूटरों की जानें क्रिमिनल कुंडली। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक किसपर कितने मुकदमे दर्ज है।

atiq ahmed news: डॉन बद्रर्स अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल की देर रात प्रयागराज के कॉल्विन अस्पातल ले जाते वक्त तीन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के बाद पुलिस ने तीनों हमलावरों को मौके से गिरफ्तार कर लिया था।
इन हमलावरों की पहचान लवलेश तिवारी निवासी बांदा, शनि सिंह उर्फ पुराने निवासी हमीरपुर और अरुण उर्फ कालिया निवासी कासगंज के रुप में हुई है। खास बात यह है कि यह तीनों शातिर अपराधी है और पुलिस रिकॉर्ड में तीनों के नाम की क्रिमिनल कुंडली है।
आइए जानते है किस पर कितने मुकदमे दर्ज है....
पुराने उर्फ शनि सिंह हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। हमीरपुर पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, शनि सिंह पर 14 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, शनि सिंह कुरारा पुलिस थाने का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है, जिसकी हिस्ट्रीशीट नंबर 281A है।
शनि सिंह कई मामलों में पहले भी जेल जा चुका है। जेल में उसकी मुलाकात भाटी गैंग के मुखिया सुंदर भाटी से हुई, जिसके बाद शनि भाटी गैंग का खास बन गया था। शनि के ऊपर सुंदर भाटी के लिए भी काम करने का भी आरोप है।
शनि सिंह उर्फ पुराने पर गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीसी एक्ट, सीआरपीसी, 3 यूपी गुण्डा एक्ट समेत 14 मुकदम दर्ज है। शनि सिंह के भाई पिंटू की मानें तो वो पिछले 10 सालों से अपने घर नहीं आया है। शनि के पिता औऱ मां की मौत हो चुकी है।
वहीं, अतीक और अशरफ हत्याकांड के दूसरे शूटर अरुण सिंह की बात करें तो वह कासगंज जिले का बघेला पुख्ता गांव का रहने वाला है। गांव में अरुण उर्फ कालिया के नाम से काफी मशहूर है। अरुण के पिता हीरालाल और मां की करीब 15 साल पहले ही मौत हो चुकी है।
साल 2014-15 में बरेली-फर्रुखाबाद रेलवे मार्ग पर उझयानी और सोरों के मध्य चलती ट्रेन में लूट के दौरान जीआरपी थाने के सिपाही की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में अरुण जेल गया था। इसके बाद उसके तार अपराध की दुनिया से जुड़ गए और उसके कदम अपराध की दुनिया की तरफ लगातार बढ़ते चले गए।
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तीरसे शूटर लवलेश तिवारी की बात करे तो वह बांदा जिले का रहने वाला है। लवलेश ने करीब 2 साल पहले भी एक लड़की को बीच चौराहे पर थप्पड़ मार दिया था। जिसके बाद उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ था और उसे जेल जाना पड़ा था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेल में ही लवलेश, अरुण और सनी की दोस्ती हुई थी। इसके बाद लवलेश ने क्राइम की दुनिया में कदम रखा दिया था। बांदा सीओ सिटी गवेंद्र पाल सिंह की मानें तो लवलेश तिवारी के ऊपर चार मुकदमे दर्ज हैं। जिसमें एक चिल्ला, दो बांदा में जबकि चौथे मुकदमे की जानकारी अभी की जा रही है।












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