सिराथू में मिली करारी हार से केशव को लगा तगड़ा झटका, घटेगा कद या मंत्रिमंडल से होगी छुट्टी ?
लखनऊ, 11 मार्च: उत्तर प्रदेश में कौशांबी की सिराथू विधानसभा सीट पर वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है। सिराथू से बीजेपी के कद्दावर नेता केशव प्रसाद मौर्य चुनाव लड़े थे लेकिन पहली बार चुनाव में उतरीं सपा की उम्मीदवार डॉ पल्लवी पटेल ने उनको चुनाव हरा दिया है। केशव को इस हार का अंदाजा नहीं था लेकिन अचानक मिली इस हार से बीजेपी के भीतर उनका कद भी घटेगा यह तो निश्चित है। सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि क्या चुनाव हारने के बादी अब केशव को दोबारा योगी मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी या नहीं। केशव पर भी काफी दबाव रहेगा क्योंकि योगी की पहली सरकार में वो कई बार योगी से ही भिड़ते नजर आए। कई बार योगी और केशव के बीच मनमुटाव की खबरें भी सामने आयीं। ऐसी परिस्थितियों में क्या योगी खुद ही चाहेंगे कि केशव मंत्रिमंडल से बाहर रहें हालांकि इस मामले में कोई भी फैसला केंद्रीय नेतृत्व ही तय करेगा।

कैबिनेट की बजाए संगठन में मिल सकती है जगह
बीजेपी के एक पदाधिकारी की माने तो केशव के सामने कई तरह की मुश्किलें आएंगी। चुनाव हारने के बाद अब वो उस तरह का दबाव नहीं बना पाएंगे जिसके लिए वो जाने जाते हैं। केशव यदि योगी कैबिनेट में फिट नहीं बैठे तो उन्हें संगठन में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। वो यूपी या दिल्ली में कहीं भी हो सकती है। पीएम मोदी और अमित शाह भी नहीं चाहेंगे कि केशव को मेन स्ट्रीम से बाहर रखा जाए क्योंकि दो साल बाद लोकसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में केशव को राज्यसभा भी भेजा जा सकता है। हालांकि केशव के राजनीतिक कद का फैसला अगले कुछ दिनों में हो जाएगा।
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हार के पद रहेगा पद छोड़ने का दबाव
इस सीट पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को हार का सामना करना पड़ा है। इस सीट पर सपा की पल्लवी पटेल ने 6832 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। पल्लवी पटेल को कुल 105559 वोट मिले जबकि बीजेपी के केशव प्रसाद मौर्य को 98727 वोट मिले।। केशव प्रसाद मौर्य ने हार स्वीकार करते हुए ट्वीट किया, "सिराथू विधानसभा क्षेत्र की जनता के निर्णय को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करें, प्रत्येक कार्यकर्ता की मेहनत के लिए आभारी, वोट के रूप में आशीर्वाद देने वाले मतदाताओं के आभारी हैं।"

MLC बनाकर सरकार में दी सकती है जगह
यह हार उनके लिए काफी हानिकारक साबित हो सकती है। ऐसे में सवाल यह भी है कि अगर यूपी में सीएम योगी की सुनामी में बीजेपी के उपमुख्यमंत्री नहीं जीते तो क्या योगी सरकार उन्हें कैबिनेट में शामिल करेगी। हालांकि, योगी सरकार के पास अभी भी केशव प्रसाद मौर्य को एमएलसी बनाने और उन्हें कैबिनेट में शामिल करने का विकल्प है। वह मंत्री बनते हैं या नहीं, यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन एक बात तो तय है कि आने वाले समय में उनके विरोधी भी तेजी से सक्रिय होगें।

सपा की पल्लवी ने पहले दांव में केशव को किया चित
सिराथू विधानसभा सीट पर बीजेपी के केशव प्रसाद मौर्य को 43.23 फीसदी वोट मिले थे। वहीं, सपा की पल्लवी पटेल को 46.6 फीसदी वोट मिले जबकि बसपा के मुनसब अली को 4.37 फीसदी वोट मिले। सिराथू के राजनीतिक समीकरण की बात करें तो कुर्मी वोट सपा के पक्ष में जाता दिख रहा था, जिससे पल्लवी पटेल को एकतरफा फायदा हुआ, ऐसे में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को अपनी सीट गंवानी पड़ी। आपको बता दें कि अब तक के आंकड़ों के मुताबिक राज्य की 403 सीटों में से बीजेपी 274 सीटों पर आगे चल रही है जबकि सपा 124 सीटों पर आगे चल रही है।












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