Kanwar Yatra: ढाबों पर सख्ती, कहीं मुस्लिम कर्मचारी छुट्टी पर, कुछ दिखा रहे Aadhaar, कैसे हो रहा आदेश का पालन?
Kanwar Yatra: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा वाले रूट पर दुकानदारों को अपनी पहचान लिखने की आदेश के बाद ढाबों पर सख्ती बढ़ गई है। इस बीच सियासी बयानबाजी भी सामने आई। पूर्व मुख्यमंत्री व सपा प्रमुख सांसद अखिलेश यादव ने शासन की मंशा पर सवाल उठाए। इस बीच ढाबा मालिक कर्मचारियों समेत अपनी पहचान प्रदर्शित कर रहे हैं। किसी भी विरोध की स्थिति से बचने के लिए मुस्लिम कर्मचारियों को कुछ दिनों की या तो छुट्टी दी गई है या फिर उन्हें आधार कार्ड दिखाने को कहा गया है।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने इस सप्ताह की शुरुआत में कांवर यात्रा को दौरान होटलों पर भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए ढाबा मालिकों से ग्राहकों के लिए अपनी पहचान प्रदर्शित करने को कहा। कावड़ यात्रा मार्ग पर होटल, ढाबों और सड़क किनारे भोजनालयों को अपने मालिकों के नाम, पते और मोबाइल फोन नंबर प्रदर्शित कर प्रशासनिक आदेश का पालन कर रहे हैं।

प्रशासन ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि कावड़ यात्रा मार्ग पर किसी भी तरह से भ्रम की स्थिति ना बने ये सुनिश्चित करने के लिए आदेश जारी किया गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कांवड़ यात्रा के दौरान मालिकों ने स्थिति के मुताबिक खुद को समायोजित कर लिया है। मुजफ्फर-हरिद्वार राजमार्ग पर ढाबा मालिकों ने ना केवल नाम प्रदर्शित किया था, बल्कि वहां काम करने वाले सभी कर्मचारियों के नाम और उनके फोन नंबर भी प्रदर्शित किए हैं।
इसके अलावा कई ढाबा ऐसे भी हैं, जिन्होंने रेस्तरां में काम करने वाले सभी कर्मचारियों के आधार कार्ड प्रदर्शित किए हैं। कई ढाबे ऐसे हैं, जिन्हें अपने ग्राहकों के खोने का डर भी है। इस बीच कुछ ढाबा मालिकों का मानना है कि हिंदू हो या फिर मुस्लिम हर को ये तय करता है, उसे कहां किस ढाबे पर भोजन करना है। रिपोर्ट के मुताबिक, कावड़ यात्री प्रशासन के इस आदेश से बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि ताजा आदेश का अनुपालन सुनिश्चित होने से उन्हें भोजन करने के लिए सही विकल्प चुनने में आसानी हुई है।












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