जीन्स और टी-शर्ट पहनकर ऑफिस नहीं आ सकेंगे कर्मचारी, UP के इस जिले में DM ने जारी किया आदेश
बरेली, 07 सितंबर। उत्तर प्रदेश के बरेली डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ऑफिस में किसी भी कर्मचारी को कैजुअल कपड़ों यानि कि जीन्स, टी-शर्त आदि में अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं, अगर कोई कर्मचारी ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर प्रशासन ने कर्मचारियों को चेतावनी भी दी है और कहा है कि अगर वे आधिकारिक ड्रेस कोड का उल्लंघन करेंगे तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

बरेली जिला प्रशासन ने ड्रेस कोड को सख्ती से लागू करने के आदेश दिए हैं। हालांकि, कार्यालय के कर्मचारियों की तरफ से इस आदेश को सकारात्मक रूप से लिया जा रहा है और सभी औपचारिक कपड़े भी पहन कर आ रहे हैं। कर्मचारियों ने डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के इस फैसले का स्वागत किया है। कर्मचारियों का कहना है कि सभी को ऑफिस में फॉर्मल कपड़ों में ही आना चाहिए।
मजिस्ट्रेट ने कही ये बात
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला मजिस्ट्रेट शिवकांत द्विवेदी ने बताया कि सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को औपचारिक पोशाक पहननी चाहिए ताकि वे अधिकारी की तरह दिखें। जिन्हें कैजुअल पहनना है वे इसे बाहर पहन सकते हैं। पहले भी ड्रेस कोड के लिए कई बार लिखित आदेश जारी किए गए थे। सभी कर्मचारियों से औपचारिक पोशाक पहनने के लिए कहा गया था। साथ ही ऑफिस में सभी कर्मचारियों से टी-शर्ट और जीन्स नहीं पहनने के लिए कहा गया था।
ऑफिस के अन्य अधिकारियों ने आदेश का किया स्वागत
प्रशासनिक अधिकारी शिवेश कुमार गुप्ता ने मजिस्ट्रेट के आदेश की सराहना करते हुए कहा कि कर्मचारियों को कार्यालय में औपचारिक कपड़े ही पहनने चाहिए। ऑफिस में कपड़े पहनने को लेकर पहले से ही ड्रेस कोड का प्रावधान है। ऐसे में कर्मचारियों को ऑफिस में सामान्य ड्रेस ही पहननी चाहिए। डीएम की तरफ से ड्रेस कोड को लेकर कोई नया आदेश नहीं दिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारी शिवेश गुप्ता ने बताया कि ऑफिस में जितने भी सीनियर्स होते हैं वो फॉर्मल ड्रेस में ही आते हैं। कोई भी सीनियर अधिकारी कभी जीन्स पहनकर ऑफिस नहीं आता है। कुछ हमारे नए सहयोगी कभी-कभी जींस और टी-शर्ट पहनते हैं, लेकिन जब से उन्हें भी निर्देश दिया गया, वो भी फॉर्मल ड्रेस पहनकर आने लगे। ऐसे में डीएम के आदेश से हम लोग मजबूर नहीं है। ऑफिस में फॉर्मल ड्रेस पहनकर आने पर अच्छा भी लगता है।
डीएम के आदेश का कर्मचारियों ने भी किया स्वागत
डीएम के इस फैसले का कर्मचारियों ने भी स्वागत किया है। जिलाधिकारी कार्यालय के एक कर्मचारी राहुल गंगवार ने कहा कि यह एक अच्छा आदेश है। एक ड्रेस कोड होना चाहिए क्योंकि हम प्रशासनिक स्थान पर बैठे हैं। गंगवार ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब किसी कार्यालय में अधिकारियों द्वारा इस तरह के आदेश जारी किए गए हैं। इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने भी इसी तरह का आदेश दिया था। पिछले साल, महाराष्ट्र सरकार ने राज्य सचिवालय और सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों द्वारा कैजुअल ड्रेस पहनने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। इसके अलावा 2021 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक सुबोध कुमार जायसवाल ने भी सभी अधिकारियों के लिए कार्यालय में औपचारिक पोशाक में आना अनिवार्य कर दिया था।
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