क्या सच में ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई एक भी मौत, अपने मंत्रियों के दावों को झुठला रही सरकार
लखनऊ, 17 दिसंबर: उत्तर प्रदेश में कोरोना का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। इसकी वजह ये है कि सरकार ने विधान परिषद में कहा है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान किसी भी मरीज की मौत आक्सीजन की कमी की वजह से नहीं हुई। सरकार के इस दावे के बाद अब सियासी बवाल खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने भी इस मामले को लेकर सरकार पर हमला बोला है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जब लोगों की मौतें हो रहीं थी तब खुद योगी सरकार के मंत्री और विधायकों ने सीएम को चिट्ठी लिखकर अपनी नाराजगी और परेशानी बतायी थी जिसमें कई स्तर पर लापरवाही बरतने का हवाला दिया गया था। अब सरकार ने विधान परिषद में यह विवादित जवाब देकर कोरोना को फिर से चर्चा में ला दिया है। हालांकि अब पूरा विपक्ष इस मुद्दे को लेकर योगी सरकार पर हमला कर रहा है।

योगी के मंत्री ब्रजेश पाठक ने पत्र लिखकर जतायी थी नाराजगी
सोशल मीडिया पर सामने आए एक पत्र में, उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री ने अपने राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों पर निशाना साधते हुए शिकायत की कि कोरोनोवायरस रोगियों के लिए बिस्तर कम पड़ रहे हैं और एम्बुलेंस को यूपी की राजधानी में आने में घंटों लग जाते हैं, जिसमें उन्होंने कहा कि तालाबंदी का सामना करना पड़ सकता है। अपने निर्वाचन क्षेत्र की स्थिति पर कानून मंत्री ब्रजेश पाठक के कथित पत्र ने एम्बुलेंस की कमी पर एक विद्वान की हालिया मौत को भी जिम्मेदार ठहराया, हालांकि पद्म श्री-विजेता योगेश प्रवीण के परिवार ने इस आरोप से इनकार किया है।

अपर मुख्य सचिव को लिखा गोपनीय पत्र हुआ था लीक
अतिरिक्त मुख्य सचिव (चिकित्सा और स्वास्थ्य) और अतिरिक्त मुख्य सचिव (चिकित्सा शिक्षा) को सोमवार को लिखे गए पत्र में कहा गया था कि अस्पतालों में COVID-19 रोगियों के लिए बिस्तर बढ़ाए जाने चाहिए, परीक्षण बढ़ाया जाना चाहिए और पर्याप्त परीक्षण किट उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसमें कहा गया था कि, "अगर जल्द ही COVID से संबंधित परिस्थितियों पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो हमें इसके प्रसार को रोकने के लिए लखनऊ में तालाबंदी करनी होगी।"

कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों पर लगाए थे लापरवाही के आरोप
कैबिनेट मंत्री पाठक ने लिखा था कि बहुत दुख के साथ सूचित कर रहा हूं कि वर्तमान में लखनऊ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। पिछले एक सप्ताह से पूरे लखनऊ जिले से सैकड़ों फोन आ रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में फोन करने पर कोई जवाब नहीं दिया जाता है। इस बारे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री और अतिरिक्त मुख्य सचिव-स्वास्थ्य से शिकायत करने के बाद फोन उठाया जाता है, लेकिन कोई सकारात्मक काम नहीं होता है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने भी सीएम को लिखा था पत्र
दरअसल 9 मई, 2021 को तत्कालीन केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा और राज्य में कोविड -19 महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य प्रणाली पर चिंता व्यक्त की थी। बरेली से भाजपा सांसद गंगवार ने सीएम को उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे में सुधार के लिए कुछ उपाय सुझाए थे। पत्र में गंगवार ने शिकायत की थी कि मरीजों को एक रेफरल पत्र के नाम पर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में भागने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्होंने आदित्यनाथ को राज्य में ऑक्सीजन की बढ़ती मांग से निपटने के लिए बरेली में ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने का सुझाव दिया।

संतोष गंगवार ने उठाया था आक्सीजन की कमी का मुद्दा
भाजपा सांसद ने यह भी दावा किया कि अस्पतालों में उपयोग की जाने वाली मशीनों, वेंटिलेटर और अन्य चिकित्सा उपकरणों को "काला बाजारी और उच्च कीमतों पर बेचा जा रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को सुझाव दिया है कि चिकित्सा उपकरणों की कीमतों को सीमित किया जाना चाहिए, जबकि निजी अस्पतालों ने पंजीकरण कराया है। एमएसएमई के तहत छूट दी जानी चाहिए। "मुझे पता चला है कि बरेली में ऑक्सीजन की कमी है क्योंकि कई लोगों ने अपने घरों में एहतियात के तौर पर ऑक्सीजन सिलेंडर जमा कर रखे हैं। ऐसे लोगों की पहचान इसलिए की जानी चाहिए क्योंकि उनके लिए ऑक्सीजन सिलेंडर जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच रहा है। ऐसे लोग इन सिलेंडरों को ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं।

चुनावी माहौल में विपक्ष के निशाने पर आए योगी
उत्तर प्रदेश में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई। योगी सरकार के इस दावे का बाद यूपी की सियात भी गरमा गई है। सरकार ने विपक्ष को एक ऐसा मुद्दा दे दिया है जिसके बहाने उसे सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और मशहूर कवि कुमार विश्वास के बाद अब कांग्रेस महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने वीडियो शेयर किया है। ट्विटर पर वीडियो शेयर कर जवाब भी मांगा है। तो वहीं, यूपी कांग्रेस ने लिखा है भगवान से तो डरो।












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