Indian Army strike: भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर से दहला पाकिस्तान, अफजाल अंसारी बोले- अब पीओके पर करें कब्जा
Indian Army strike: भारतीय सेना की हालिया कार्रवाई ने देश में एक बार फिर जोश भर दिया है। पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकियों के खिलाफ की गई इस सर्जिकल स्ट्राइक की गूंज संसद तक पहुंच गई है। समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने इस ऑपरेशन की जमकर सराहना करते हुए केंद्र सरकार को बड़ा कदम उठाने की सलाह दी है।
गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि अब सिर्फ हमले नहीं, बल्कि पीओके पर कब्जा करने का वक्त आ चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वो इस मुद्दे पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की नीति अपनाएं। अंसारी का कहना है कि जब तक पीओके भारत में शामिल नहीं होगा, पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आएगा।

अंसारी ने सेना की तारीफ करते हुए कहा कि भारतीय जवानों ने अपने पराक्रम का जबरदस्त प्रदर्शन किया है। पाकिस्तान के जिन नौ ठिकानों पर हमला हुआ है, वहां लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों का डेरा था। उन्होंने इसे पाकिस्तान के नापाक मंसूबों के खिलाफ एक नई शुरुआत बताया।
सेना की कार्रवाई से देश में जोश
भारतीय सेना ने यह कार्रवाई पहलगाम में हुए आतंकी हमले के करीब दो सप्ताह बाद की। सेना की इस जवाबी स्ट्राइक में पीओके और पाकिस्तान के अंदर स्थित नौ ठिकानों को मिसाइलों से निशाना बनाया गया। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला आतंकियों के लिए बड़ा झटका साबित होगा।
अंसारी ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान अब भी सबक नहीं सीखेगा। उनका कहना है कि पाकिस्तान बार-बार सीमा पर अशांति फैलाने की कोशिश करता है और ऐसे में अब कड़ा कदम उठाने की जरूरत है। उनका मानना है कि सिर्फ जवाबी हमले काफी नहीं हैं, बल्कि पीओके को भारत में मिलाकर ही समस्या का स्थायी हल निकलेगा।
इंदिरा गांधी से सीख लेने की नसीहत
सपा सांसद ने मोदी सरकार को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की याद दिलाते हुए कहा कि 1971 में इंदिरा जी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर बांग्लादेश बनवाया था। उसी तरह अब पीओके को लेकर बड़ा फैसला होना चाहिए। अंसारी के मुताबिक, देश की जनता भी अब यही चाहती है कि पीओके को वापस भारत में शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि सेना के पराक्रम के बाद अब बारी राजनीतिक नेतृत्व की है कि वह साहसिक फैसला ले। अंसारी ने बताया कि आम लोगों में भी इस ऑपरेशन को लेकर भारी उत्साह है और अब सभी चाहते हैं कि सरकार अगला कदम जल्द उठाए।
विपक्षी नेता भी सेना के साथ
इस मामले में खास बात यह रही कि विपक्षी नेता भी सेना के इस ऑपरेशन का समर्थन कर रहे हैं। अफजाल अंसारी का बयान इस बात का संकेत है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मसले पर देश की सभी पार्टियां एकजुट हैं। अंसारी ने दोहराया कि यह वक्त राजनीति का नहीं, बल्कि देशहित में निर्णायक कार्रवाई का है।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देना जरूरी था और भारतीय सेना ने यह काम बखूबी किया है। अब बारी सरकार की है कि वह इस मौके का पूरा फायदा उठाकर पीओके को भारत में शामिल करने का ऐलान करे।












Click it and Unblock the Notifications