INDIA Vs NDA: बेंगलुरु की बैठक के बाद RLD चीफ़ जयंत ने दिये अखिलेश यादव के साथ खड़े रहने के संकेत
राष्ट्रीय लोकदल के चीफ जयंत चौधरी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि 21 जुलाई को होने वाली भीम आर्मी की रैली में शामिल किया जाए।
Rashtriya Lok Dal UP News: देश में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले एक दूसरे से बड़ा गठबंधन बनाने की कवायद शुरू हो गई है। एक तरफ बीजेपी की अगवाई वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) है तो दूसरी ओर भारतीय राष्ट्रीय जनतांत्रिक समावेशी गठबंधन (INDIA)। सभी दल इस बात का मंथन करने में जुटे हैं कि वह 2024 के लोकसभा चुनाव में किधर जाएंगे।

रालोद के नेता जयंत चौधरी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को 21 जुलाई को दिल्ली में भीम आर्मी संस्थापक के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का निर्देश दिया है। सूत्रों का कहना है कि पहले ऐसी अटकलें लग रहीं थीं कि वो एनडीए में जा सकते हैं लेकिन बेंगलुरु की बैठक के बाद ये संभावनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं।
तेजस्वी-अखिलेश को लेकर किया ट्विट
राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी ने भी बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और खुद के बैज वाली तस्वीर ट्वीट की है। सोमवार और मंगलवार को विपक्ष की दो दिवसीय बेंगलुरु बैठक के बाद आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी के ट्वीट से यह संदेश स्पष्ट रूप से गया कि वह न केवल उत्तर प्रदेश में भाजपा विरोधी गठबंधन का हिस्सा बने रहना चाहेंगे। उनके और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच कोई बड़ा मतभेद नहीं था।
जयंत ने अखिलेश के साथ रहने के दिए संकेत
जयंत ने मंगलवार को एक ट्वीट में कहा कि, "संगठन में शक्ति है!" ट्वीट के नीचे, उन्होंने बेंगलुरु बैठक में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों को दिए गए तीन आईडी कार्ड बैज की तस्वीरें डालीं। जिसमें अखिलेश यादव के साथ तेजस्वी यादव भी मौजूद हैं।
असम के मुख्यमंत्री हेमांता के ट्विट का भी दिया जवाब
अगले ट्विट में जयंत ने कहा, "जब भारतीय राष्ट्रीय जनतांत्रिक समावेशी गठबंधन (INDIA) जीतेगा तो भारत मजबूत होकर उभरेगा!" इंडिया एक ऐसा नाम है जिसे विपक्ष ने बेंगलुरु बैठक में एनडीए के खिलाफ अपने नए मोर्चे के लिए गढ़ा है। उन्होंने काउंटर ट्वीट के जरिए असम के मुख्यमंत्री के ट्वीट पर भी तीखा पलटवार किया।
बेंगलुरु बैठक के बाद नहीं हुई राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात
इस बीच, रालोद के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने कहा कि हालांकि बेंगलुरु बैठक के बाद उन्होंने जयंत चौधरी से बात नहीं की थी, लेकिन बैठक के दौरान और बाद में उनके कुछ ट्वीट्स उनके राजनीतिक रुख और भविष्य की दिशा के बारे में बताते हैं।
21 जुलाई को दिल्ली में भीम आर्मी का प्रदर्शन
राय ने कहा कि, जयंत चौधरी के निर्देशानुसार हम पश्चिमी यूपी के अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को भी एकजुट कर रहे हैं। पिछले महीने सहारनपुर में उन पर हुए हमले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर 21 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भीम आर्मी के संस्थापक चन्द्रशेखर आज़ाद द्वारा आयोजित धरने में रालोद के कार्यकर्ता शामिल होंगे।
एनडीए से दूर ही रहने के संकेत
भाजपा के आलोचक भीम आर्मी के संस्थापक के धरने में बड़े पैमाने पर भाग लेने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को दिए गए संदेश और उनके निर्देशों को पहले से ही एनडीए के साथ संबंध तोड़ने की उनकी कोशिश के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।












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