यूपी में 72 घंटे में धर्म स्थलों से 6,000 लाउडस्पीकर हटाए गए, इतने की आवाज कम हई
लखनऊ, 27 अप्रैल: देश के कई राज्यों में लाउडस्पीकरों को लेकर विवाद चल रहा है। लेकिन, उत्तर प्रदेश में स्थिति ही अलग है। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तय कर दिया कि किसी भी धर्म स्थान से लाउडस्पीकरों की आवाज परिसर से बाहर नहीं जानी चाहिए और ज्यादातर लोगों ने उसपर खुद से ही अमल करना शुरू कर दिया। इस काम के लिए 30 अप्रैल की डेडलाइन है, लेकिन उससे पहले ही पुलिस का काम काफी आसान हो चुका है और बिना विरोध के लोग इस फैसले की तामील में लगे हुए हैं। अबतक 6 हजार से ज्यादा अवैध लाउडस्पीकर हटाए जा चुके हैं और लगभग 30 हजार लाउडस्पीकरों की आवाज तय मानक के मुताबिक कम किए जा चुके हैं।

यूपी में धर्म स्थलों से 6,031 लाउडस्पीकर हटाए गए
उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक धार्मिक स्थलों से अवैध लाउडस्पीकर हटाने की तामील का काम काफी तेजी से हो रहा है। 72 घंटे के अंदर ही विभिन्न समुदायों के धार्मिक स्थानों से 6,031 लाउडस्पीकर हटाए लिए गए हैं। इसके अलावा करीब 30,000 लाउडस्पीकरों की आवाज भी तय मानक स्तर के मुताबिक घटा दिए गए हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे ये सुनिश्चित करें कि बिना अग्रिम अनुमति के धार्मिक स्थानों पर ऐसे उपकरण ना लगाई जाएं। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए थे कि जिन धर्म स्थानों को लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल की अनुमति मिली हुई है, वह भी सुनिश्चित करें कि उसकी आवाज उनके परिसर से बाहर ना जाने पाए।

29,674 लाउडस्पीकरों की आवाज घटाई गई
उत्तर प्रदेश में यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के तहत 30 अप्रैल तक हर जिले में इस आदेश की तामील होनी है। राज्य के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा है, 'धार्मिक स्थानों से लाउडस्पीकर हटाने और उनकी आवाज तय स्तर के अंदर रखने के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 6,031 लाउडस्पीकर हटाए जा चुके हैं और अबतक 29,674 की आवाज कम करके तय मानक दायरे में लायी जा चुकी है। ' पिछले हफ्ते वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा था, 'वैसे माइक्रोफोन उपयोग किए जा सकते हैं, लेकिन ये सुनिश्चित करें की आवाज किसी परिसर से बाहर ना जाए। दूसरे लोगों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।'

श्री कृष्ण जन्मभूमि लाउडस्पीकर पर ऐक्शन लेने में सबसे आगे
गृह विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि कई जिलों में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के धार्मिक नेता आपसी सहमति से लाउडस्पीकरों की आवाज कम करने के लिए राजी हो गए हैं। 20 अप्रैल को अपने लाउडस्पीकरों को उतारने वालों में मथुरा की पवित्र श्री कृष्ण जन्मभूमि पहली है। मंदिर न्यास ने तय किया है कि हर दिन सुबह 5 बजे से होने वाली 'मंगलचरण आरती' का लाउडस्पीकर पर प्रसारण भी नहीं होगा। बुधवार को बलरामपुर के शक्तिपीठ देवीपाटन तुलसीपुर मंदिर ने अपने चार में से तीन लाउडस्पीकर हटा लिए और एक की भी आवाज कम कर दी। मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ ने सभी धार्मिक नेताओं से ऐसा ही करने की अपील की है।

लाउडस्पीकर पर ऐक्शन में वाराणसी से आगे
गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर ट्रस्ट ने भी अपने परिसर में लाउडस्पीकरों की आवाज घटा दी है। मेरठ में ऐतिहासिक काली पाटन मंदिर, कानपुर, अयोध्या में भी संतों ने सरकार की पहल का समर्थन किया है और लाउडस्पीकरों की आवाज करने के लिए तैयार हुए हैं। इसी तरह लखनऊ, ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने सीएम के निर्देश के बाद कहा कि 'हमने यहां की सभी मस्जिदों को निर्देश दिया है लाउडस्पीकरों की आवाज को सीमित करें, ताकि वह परिसरों से बाहर ना जाए। ' वे बोले कि लखनऊ के सभी सुन्नी मस्जिदों को भी ऐसा ही करने को कहा गया है। अकेले लखनऊ में 700 मस्जिदें हैं, जिनमें से करीब 40 शियाओं के हैं। जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा लाउडस्पीकर वाराणसी जोन से हटाए गए हैं।












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