समन्वय बैठक में डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने आपा खोया, कर दी थी इस्तीफे की पेशकश,खेल विभाग को मिला नया टास्क
लखनऊ, 17 अगस्त: उत्तर प्रदेश में भाजपा और संघ की समन्यव बैठक दूसरे दिन भी चली। बैठक में केंद्रीय स्तर के पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक में संघ की तरफ से हर क्षेत्र से जुडे़ आनुसांगिक संगठनों के बुलाया गया था। इन संगठनों ने अपनी अपनी रिपोर्ट संघ के पदाधिकारियों के सामने प्रस्तुत की थी। इन्हीं जानकारियों के आधार पर उन विभागों के मंत्रियों को तलब किया गया था। पहले दिन जहां डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा और गन्ना मंत्री सुरेश राणा समेत कई मंत्री बैठक में शरीक हुए वहीं दूसरे दिन हुई बैठक में भी कई मंत्रियों को बुलाया गया था जिसमें सभी मंत्रियों को उनके विभागों के आधार पर टास्क पकड़ाया गया है। संघ के निर्देश पर अब योगी सरकार के खेल विभाग में जिले स्तर पर बनी खेल समितियों में संघ के कार्यकर्ताओं का समायोजन किया जाएगा।

समन्वय बैठक में डिप्टी सीएम ने कर दी इस्तीफे की पेशकश
संघ और बीजेपी की समन्यव बैठक दो दिनों तक चली। बैठक में मंत्रियों को पदाधिकारियों ने साफतौर पर कहा कि कि अब चुनाव में काफी कम समय बचा है लिहाजा संघ के की कार्ययोजना के मुताबिक ही आगे बढ़े और जनता को हर हाल में संतुष्ट करें। संघ के सूत्रों के मुताबिक हालांकि समन्वय बैठक में हालांकि डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा और गन्नाा मंत्री सुरेश राणा की फजीहत हो गई। समन्यव बैठक में शामिल हुए कई संघ के आनुसांगिक संगठन के लोगों ने शिक्षा विभाग में चल रहे कार्यों पर नाराजगी जतायी और यहां तक कह दिया कि विभाग में भ्रष्टाचार की वजह से किसी के काम नहीं हो रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक इतना सुनते ही समन्वय बैठक में मौजूद डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा अपना आपा खो बैठे और उन्होंने भरी बैठक में ही इस्तीफे की पेशकश कर दी। बताया जा रहा है कि उन्होंने साफतौर पर कहा कि इस तरह के आरोप लगाने से पहले सच को जान लेना जरूरी है। इस तरह के आरोप लगाने से बढिया है कि इस्तीफा ही ले लीजीए। यही हाल गन्ना मंत्री सुरेश राणा का भी था। पश्चिमी यूपी से पहुंचे संगठन के लोगों ने किसानों की समस्याओं में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। हालांकि सुरेश राणा सब चुपचाप सुनते रहे और उन्होंने कुछ नहीं किया।
बैठक के दौरान हालांकि वहां मौजूद पदाधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मामले को संभालने की कोशिश की और मंत्रियों को साफतौर पर हिदायत दी कि चुनाव नजदीक है लिहाजा जनता की समस्या पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। आपस में उलझने से अच्छा है जनता की समस्याओं को दूर करने पर फोकस किया जाए।
क्रीड़ा भारती से जुड़े लोगों का खेल समितियों में समायोजन
संघ के सूत्रों ने बताया कि समन्वय बैठक में यह तय किया गया है कि यूपी में जिला स्तर पर बनी खेल समितियों में संघ के आनुसांगिक संगठन क्रीड़ा भारती के एक व्यक्ति का समायोजन जरूर किया जाए। यानी यूपी के सभी 75 जिलों में बनी खेल समितियों में क्रीड़ा भारती के लोगों को शामिल किया जाएगा। दरअसल क्रीड़ा भारती संघ का एक आनुसांगिक संगठन है जो गांवों में खेल को बढ़ावा देने के काम में जुटा हुआ है। अब संघ का निर्देश है कि क्रीड़ा भारती के लोगों को जिले में बनी खेल समितियों में शामिल किया जाए।
पहले दिन की बैठक में हुआ था एमएलसी की सीटों पर मंथन
एमएलसी की चार सीटें यूपी में खाली उत्तर प्रदेश में एमएलसी की चार सीटें खाली हुई हैं जिनको लेकर बहुत दिनों से कयास लगाए जा रहे हैं। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में बीजेपी की तरफ से चार नामों का ऐलान किया जा सकता है। इन सीटों को लेकर संघ और बीजेपी में काफी नेता अंदरखाने सक्रिय हैं जो जोड़तोड़ में लगे हुए हैं।
जिन नामों पर अटकलें लगाई जा रही हैं उनमें भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, हाल ही में भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद, भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी दयाशंकर सिंह का नाम शामिल है। इसके अतिरिक्त सुभाससपा और निषाद पार्टी भी केंद्रीय नेतृत्व पर दबाव डाल रहे हैं। हालांकि इनका समायोजन होगा इस बात की संभावना काफी कम ही है। बताया जा रहा है कि निषाद पार्टी को यूपी में कुछ सीटें बीजेपी दे सकती है।












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