सहारनपुर: दस साल की बच्ची को आवारा कुत्तों ने नोंच खाया, मौत
छोटे बच्चों को ये आवारा कुत्ते लगातार अपना शिकार बना रहे हैं, लेकिन न तो जिला प्रशासन और न ही नगर निगम इस ओर कोई ध्यान दे रहा है।
सहारनपुर। जनपद में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। छोटे बच्चों को ये आवारा कुत्ते लगातार अपना शिकार बना रहे हैं, लेकिन न तो जिला प्रशासन और न ही नगर निगम इस ओर कोई ध्यान दे रहा है। देर शाम एक दस की बच्ची से आवारा कुत्तों ने ऐसा काम किया, कि बच्ची ने अस्पताल जाने के बाद दम तोड़ दिया।

एक दर्जन से अधिक जगह काटा
मामला सहारनपुर नगर के मोहल्ला नूरबस्ती का है। नूरबस्ती निवासी कलीम मोहल्ले में ही साइकिल रिपेयरिंग की दुकान करता है। रविवार की देर शाम कलीम की दस साल की बेटी इशा मोहल्ले में ही कहीं जा रही थी, कि मोहल्ले में पल बढ़ रहे आवारा और आदमखोर कुत्तों ने इशा पर हमला बोल दिया। चंद मिनटों में ही कुत्तों ने इशा को एक दर्जन से अधिक जख्म दे दिए।

अस्पताल में बच्ची ने तोड़ा दम
वहां से गुजर रहे लोगों की नजर बच्ची को नौंच रहे कुत्तों पर पड़ी तो लोगों ने र्इंटे बरसा कर बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां देर रात बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। क्षेत्र के लोगों ने नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। लोगों का कहना है कि वह नगर निगम में कई बार आवारा कुत्तों की बाबत शिकायत कर चुके हैं, लेकिन आज तक उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

13 अप्रैल को भी एक बच्चे को कुत्तों ने काट खाया
आपको बता दें कि विगत 13 अप्रैल को भी चिलकाना के शाहपुर गांव में आवारा कुत्तों ने दस साल के आस मोहम्मद को नौंच कर मौत के घाट उतार दिया था। उधर, नगर निगम के नगरायुक्त ओपी वर्मा का कहना है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए समय समय पर अभियान चलाया जाता है। पिंजरा पोल नामक इस अभियान को पुन: चलाकर शहर से आवारा कुत्तों को पकड़ा जाएगा।

लोगों को कुत्तों से हुई नफरत
इस घटना के बाद से इस क्षेत्र के लोगों को गली मोहल्लों के कुत्तों से इतनी नफरत हो गई कि यदि कहीं पर भी इन लोगों को कुत्ते नजर आते हैं तो उसके साथ क्रूरता वाला बर्ताव करते हैं। बुधवार को नूरबस्ती के दर्जनों लोग क्षेत्र के आधा दर्जन कुत्तों को एक रिक्शा में इस तरह से भरकर लाए मानों माल ढोया जा रहा हो। इन लोगों ने कुत्तों के चारों हाथ पैर बांध रखे थे। इन कुत्तों को लोगों ने नगर निगम में नगरायुक्त कार्यालय के बाहर गिराकर बुरी तरह से न केवल पिटाई की बल्कि कुत्तों को उछाला भी गया।

नगर निगम ने क्या कहा?
इन लोगों का कहना था कि नगर निगम आवारा कुत्तों को पकड़ने में नाकाम हो रहा है तो उन्होंने इन कुत्तों को पकड़ कर नगर निगम को सौंपने की सोची, जिस पर इन कुत्तों को पकड़ कर यहां लाया गया। फोटो में आप देख सकते हैं कि कुत्तों के साथ कैसा बर्ताव किया जा रहा है। इस बाबत नगर आयुक्त गौरव वर्मा का कहना था कि वह अपने आफिस में नहीं थे। आफिस के काम से बाहर हैं और उन्हें इस तरह की कोई जानकारी नहीं है कि कुत्ते उनके आफिस के बाहर पटके गए हैं। मामले की जांच कराई जाने के साथ ही आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा।












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