वाराणसी के अति संवेदनशील एरिया में मिला अवैध अंडरग्राउंड बाजार, दो सस्पेंड
वाराणसी। यूपी के वाराणसी में अति संवेदनशील श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के रेड जोन से कुछ दूरी पर एसएसपी आरके भारद्वाज ने दालमंडी इलाके में जमीन के नीचे अवैध ढंग से बसा लंबा चौड़ा बाजार पकड़ा है। 20 फीट गहराई में बन रहे इस मार्केट की शुरुआत तो दालमंडी से हुई लेकिन अंत 200 मीटर आगे बेनियाबाग में हुआ। चौंकाने वाली बात ये है कि आतंकी निशाने पर रहे काशी विश्वनाथ मंदिर से चंद कदम की दूरी पर जमीन के नीचे हो रहे काम की भनक न तो विकास प्राधिकरण और न ही नगर निगम को लगी।

एसएसपी ने गश्त के दौरान पकड़ा
दरसअल आधी रात को गश्त के बहाने एसएसपी दालमंडी इलाके में पहुंचे थे। इस दौरान जमीन के नीचे से आ रही रोशनी पर वो एक कटरे के बेसमेंट में पार्किंग की व्यवस्था मान कर पहुंचे लेकिन जमीन के नीचे अवैध रूप से बाजार का निर्माण चल रहा था। यह देख एसएसपी ने स्थानीय पुलिस की जमकर क्लास ली और पूरे इलाके की गहनता से जांच कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा।

दालमंडी से बेनियाबाग तक जमीन के नीचे मार्केट
चौंकाने वाली बात यह है कि कटरे का मुहाना दालमंडी से शुरू हुआ और करीब दो सौ मीटर की दूरी पर जाकर बेनियाबाग के पास खत्म हुआ। बेसमेंट में एक-दूसरे से जुड़कर कई कटरे बने थे। इसके बाद एसएसपी ने आसपास के अन्य कटरों की छानबीन शुरू की। जैसे-जैसे पड़ताल बढ़ती गई, पुलिस की हैरानी भी बढ़ती गई। आलम यह कि मस्जिद के आसपास भी खोदाई कर बेसमेंट में कटरा बनता मिला।

एसएसपी ने दो किया सस्पेंड
इस बारे में एसएसपी का कहना है कि वाकई खतरनाक स्थिति देखने को मिली। अंदाजा नहीं था कि दालमंडी में जमीन से बीस फीट नीचे बाजार बन रहा होगा। उन्होंने दालमंडी प्रकरण में हुए अवैध निर्माणों पर कहा कि इस मामले में अवैध निर्माणकर्ताओं संग अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी। मुकदमा भी दर्ज होगा। कोई बचेगा नहीं, चाहे वह कितना ही रसूखदार हो। मामला शासन के संज्ञान में आने के बाद वीडीए के वीसी विशाल सिंह ने चौक वार्ड के सुपरवाइजर दशरथ प्रसाद व रामप्रताप शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस जोन में तैनात अवर अभियंता ए के सक्सेना तथा जेई अनिल सिंघल, सुनील सिंह यादव को निलंबित करने के लिए पत्र भेजा। पूर्व जोनल अधिकारी राजकुमार को तलब कर स्पष्टीकरण भी मांगा। डीएम योगेश्वर राम मिश्र का कहना है कि ये गलत है अवैध रूप से संवेदनशील एरिया में ऐसा निर्माण हटवाते हुए उक्त भवन के भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।












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