शौहर ने ही डाल दी बीवी के खिलाफ RTI, कॉलेज को बताना पड़ा लड़की का स्टेटस
सहारनपुर। आपने शायद ही कभी सुना होगा कि किसी पति को अपनी पत्नी का मैरिटल स्टेट्स जानने के लिए आरटीआई का सहारा ने लेना पड़ा हो। दरअसल एक ऐसा मामला उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सामने आया है। पति ने अपनी पत्नी की वैवाहिक स्थिति जानने के लिए आरटीआई का उपयोग करना पड़ा। मो. अली नाम के युवक ने देवबंद स्थित देवबंद यूनानी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल से अगस्त 2016 में जानकारी मांगी कि हाजी नौसाद अहमद की बेटी जोया परवीन, जो उनके कॉलेज में जीएनएम 2ed ईयर की छात्रा है। जोया ने कॉलेज में प्रवेश लेते समय खुद का स्टेटस क्या दर्ज करवाया है। कॉलेज रिकॉर्ड में उसे विवाहित है या अविवाहित। कॉलेज द्वार जानकारी न देने पर अली ने आयोग में अपील की।

लेकिन कॉलेज ने युवक को सूचना देने से इंकार कर दिया। इसके बाद युवक को राज्य सूचना आयोग की शरण में जाना पड़ा। आरटीआई डालने वाले युवक ने सुनवाई के दौरान इस बात का खुलासा किया वह अपने खर्च पर पत्नी जोया को डॉक्टरी की पढ़ाई करवा रहा है लेकिन ससुराल वालों ने मेडिकल कॉलेज के दाखिले फॉर्म में उसकी पत्नी को अविवाहित बताया है। युवक का दावा है कि उसने नवंबर 2013 में जोया से निकाह किया था लेकिन कुछ दिनों बाद जोया के घर वाले उसे विदा करवा कर ले गए।
इसके बाद जोया के पिता ने सहारनपुर में उसके खिलाफ अपहरण, और रेप का मुकदमा दर्ज करवाया दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा, लेकिन निकाह के सारे तथ्य और जोया के बयान के बाद कोर्ट ने उसे रिहा कर दिया था। हाफिज ने जोया की कस्टडी पाने के लिए अदातल में एक मुकदमा दायर कर रखा है।
आयोग को दी गई जानकारी में कॉलेज प्रशासन में बताया है कि अगस्त 2015 में जोया का एडमिशन करवाया था और आवेदन पत्र में जोया ने खुद को अविवाहित बताया गया था। सूचना आयुक्त ने कहा कि जोया ने अदालत में दिए गए बयान में खुद को मोहम्मद अली की पत्नी बताया है, जबकि कॉलेज में खुद को अविवाहित। ऐसे में आयोग ने जोया को नोटिस जारी कर स्थित स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।












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