Hathras Stampede: एक्शन में सीएम योगी, बोले- हादसा या षड्यंत्र करेंगे जांच, न्यायिक जांच का दिया आदेश

Hathras Stampede: हाथरस में हुई भगदड़ में जिस तरह से 121 लोगों की मौत हुई, उसके बाद खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाथरस पहुंच गए हैं। घटना स्थल का मुआयना करने के बाद सीएम योगी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान सीएम ने कहा कि इस मामले की न्यायिक जांच होगी। हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में इस पूरे मामले की न्यायिक जांच होगी।

वहीं भोले बाबा के खिलाफ एफआईआर के सवाल पर सीएम योगी ने कहा कि शुरुआत में कुछ लोगों पर एफआईआर होती है, इसके बाद इसका दायरा बढ़ता जाता है। ऐसे में सीएम योगी ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में भोले बाबा का नाम एफआईआर में शामिल हो सकता है। इसके साथ ही सीएम ने कहा कि यह घटना हादसा है या षड़यंत्र हम इसकी जांच करेंगे।

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घटना की दी विस्तृत जानकारी

इस पूरी घटना के तह तक जाने के लिए हमने कल ही व्यवस्था बचाई थी। लेकिन हमने पहले राहत-बचाव के कार्य को आगे बढ़ाने का फैसला लिया। इस पूरे हादसे में 121 श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई, जो यूपी के साथ-साथ हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश से भी जुड़े थे।

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    16 जनपदों के लोग हुए भगदड़ का शिकार

    उत्तर प्रदेश में हाथरस, बदायूं, कासगंज, अलीगढ़, एटा, मलिकपुर, आगरा, फिरोजाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मथुरा, संभल, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, इन 16 जनपदों के लोग हादसे का शिकार हुए हैं।

    121 में से 6 मृतक ऐसे हैं जो अन्य राज्यों से थे, जिसमे ग्वालियर से 1, हरियाणा से 4 और राजस्थान एक हैं। हाथरस के जिला अस्पताल में 31 ऐसे घायल हैं जो हाथरस, अलीगढ़, एटा और आगरा के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

    कैसे हुआ हादसा

    सीएम ने कहा कि हादसे के चश्मदीद जो घायल हुए हैं, उनसे मैंने बात की, उनका कहना है कि हादसा कार्यक्रम के दौरान उस वक्त हुआ जब जो सज्जन यहां अपना सत्संग देने आए थे।

    जैसे ही कार्यक्रम खत्म हुआ उसके बाद उन्हें छूने के लिए महिलाओं का एक दल दौड़ा तो उनके पीछे भीड़ गई, इसके बाद वो एक दूसरे के ऊपर चढ़ते रहे, सेवादार भी धक्का देते रहे, जिससे जीटी रोड के दोनों ओर यह हादसा हुआ.

    सेवादारों ने प्रशासन को अंदर नहीं आने दिया

    इसका सबसे दुखद पहलू यह था कि सेवादार प्रशासन को अंदर घुसने नहीं देते हैं। दुर्घटना के दौरान इन्होंने पहले इन लोगों ने इस मामले को दबाने का प्रयास किया। लेकिन जब प्रशासन ने लोगों को अस्पताल ले जाने का काम शुरू किया तो सेवादार वहां से भाग गए।

    एसआईटी का गठन

    इस पूरी घटनाक्रम की जांच के लिए डीजी आगरा की अध्यक्षता में एक एसआईटी गठित की है। जिसने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट दी है। इस घटना की तह में जाने के लिए उनसे कहा गया है। बहुत सारे ऐसे पहलू हैं जिसकी जांच होनी आवश्यक है।

    राहत और बचाव के कार्य को आगे बढ़ाने के बाद आयोजकों को पूछताछके लिए बुलाना। हादसे के कारण के बारे में उनसे पूछताछ करना, जवाबदेही तय करने के लिए एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई हो रही है

    हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच

    हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते हैं कि इस प्रकार की घटना हादसा नहीं होती, अगर हादसा भी है तो इसकेपीछे कौन जिम्मेदार है। अगर यह हादसा हुआ है तो इसके पीछे साजिश किसकी है, इन सभी पहलुओं की जांच के लिए राज्य सरकार ने तय किया है कि इसकी न्यायिक जांच की जाएगी।

    हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में इसकी जांच होगी। जो भी दोषी है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटना ना हो, इसके लिए जो भी सुझाव होंगे उसे लागू किया जाएगा।

    मंत्री-अधिकारी कर रहे हैं कैंप

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने घटनास्थल का दौरा किया और वहां जाकर उसे देखने का प्रयास किया है। हादसे के कारणों की प्रारंभिक वजहों को देखने के लिए मैं स्वयं गया था।

    हमारे तीन मंत्री यहां कल से ही कैंप कर रहे हैं। मुख्य सचिव और डीजीपी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पहले से ही यहां कैंप कर रहे हैं। इस पूरी घटना की जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की कार्रवाई की जा रही है। प्रारंभिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    विपक्ष को दो टूक

    सीएम ने कहा कुछ लोगों की प्रवृत्ति होती है कि वह इस प्रकार के दुखद हादसों पर भी राजनीतिक कारण ढूंढ़ते हैं। हर कोई जानता है कि इस सज्जन के तार किससे जुड़े हैं, उनके राजनीतिक संबंध किससे हैं। जो लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करते हैं उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।

    प्रशासन यह मानकर चलता है कि इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन यहां के सेवादार ही करते हैं। इससे भी बड़े-बड़े आयोजन होते हैं। उन्हें चाहिए था कि अगर हादसा था तो सेवादारों के माध्यम से पहले व्यवस्था को सुदृढ़ करना चाहिए था, लोगों के उपचार की व्यवस्था करनी चाहिए थी।

    सेवादार भाग गए

    हादसे में लोग मरते गए और सेवादार वहां से भागते गए। हम इसकी तह तक जाएंगे। इस प्रकार के बड़े-बड़े आयोजन होते रहे हैं लेकिन कहीं भी इस तरह की घटना सामने नहीं आई। हमने कुंभ जैसे बड़े आयोजन किए हैं, बड़े-बड़े कार्यक्रम हुए हैं, लेकिन हम इसकी तह में जाएंगे कि आखिर इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। जो भी इसके लिए जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

    पीड़ित परिवार के बच्चों को मुफ्त शिक्षा

    जो निर्दोष लोग इस हादसे के शिकार हुए हैं, उनके नाबालिग बच्चों को यूपी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत पढ़ाई का इंतजाम कराएंगे। जहां भी पढ़ रहे हैं उनका खर्च वहन करेंगे। मृतक के परिजनों को 4 लाख की सहायता और गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख रुपए की सहायता दे रही है।

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