विदेशों में योगी की छवि चमकाने की कवायद, 'अप्रवासी संवाद' के पीछे क्या है BJP की चुनावी रणनीति
लखनऊ, 25 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश में चुनावी रणभेरी बजने में अब महज कुछ ही महीने बचे हैं ऐसे में बीजेपी संगठन और सरकार के स्तर पर जहां यूपी में पूरी ताकत के साथ चुनावी अभियान में जुटा है वहीं दूसरी ओर बीजेपी यूपी का विदेश प्रचार विभाग भी विदेश में रहने वाले ऐसे लोगों से संवाद करने में जुटा हुआ है जो यूपी के रहने वाले हैं और विदेशों में रह रहे हैं। पीएम मोदी की तर्ज पर ही अब योगी सरकार की इमेज विदेश में चमकाने और एनआरआई को चुनावी लिहाज से साधने के लिए यूपी बीजेपी का एनआरआई सेल जुटा हुआ है। हर महीने एक जूम मीटिंग या वेबीनार के जरिए अमेरिका समेत लगभग 40 देशों में रहने वाले लोगों से संवाद स्थापित किया जाता है और उन्हें सरकार के अच्छे कार्यों के बारे में बताया जाता है।

दरअसल 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के प्रचार के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी ने एक एनआरआई सेल का गठन किया गया था जिसको देश से बाहर रहने वाले ऐसे लोगों को साधने का जिम्मा सौंपा गया था जो चुनाव में भारत आना चाहते हों और वोट करना चाहते हैं। बीजेपी की इस रणनीति का लाभ भी मोदी को 2014 के बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भी मिला था। मोदी जब जब विदेश जाते हैं तो बीजेपी का एनआरआई सेल भी सक्रिय हो जाता है कि और उनके पक्ष में माहौल बनाने में पूरी ताकत लगाता है।
मोदी की तर्ज पर अब विदेशों में भी योगी की छवि बनाने की कवायद
पीएम मोदी की इस रणनीति को यूपी बीजेपी और योगी सरकार ने भी आत्मसात कर लिया है। बताया जा रहा है कि यूपी बीजेपी में भी पहली बार एक एनआरआई सेल का गठन किया गया है जिसका संयोजक राजा राजेश्वर को बनाया गया है। इनके अलावा पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी और राम की नगरी अयोध्या में भी इसकी सह शाखाएं खोली गई हैं यानी एक-एक सह संयोजक रखे गए हैं। ये सह संयोजक काशी और अयोध्या के रहने वाले एनआरआई की लिस्ट तैयार कर उनसे संपर्क करते हैं और सरकार की योजनाओं के बारे में बताने का काम करते हैं।

चुनाव से पहले अप्रवासी भारतियों को साधने में जुटी यूपी बीजेपी की एनआरआई सेल के संयोजक राजा राजेश्वर कहते हैं कि,
'' अब तक दो बार यूपी से जुड़े अप्रवासी भारतियों की बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। पहली वेबीनार सितंबर में हुई थी जिसे कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने संबोधित किया था जबकि दूसरी बैठक 23 अक्टूबर को हुई थी जिसमें केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी हिस्सा लिया था। हमारी कोशिश यूपी के ऐसे नागरिकों से संवाद स्थापित करने की है जो अमेरिका, इंग्लैंड, यूरोप और मिडिल इस्ट के देशों में रह रहे हैं। बहुत लोगों ने विधानसभा चुनाव के दौरान यूपी आने की इच्छा जताई है। ऐसे लोग अवकाश लेकर आएंगे और चुनाव में अपना योगदान देंगे।''
एनआरआई को साधने में जुटे केंद्र और यूपी के मंत्री
हालांकि विदेश संपर्क विभाग, भाजपा, उत्तर प्रदेश की ओर से शनिवार 23 अक्टूबर को ही अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) संवाद का आयोजन हुआ था। इस ऑनलाइन संवाद को भारत सरकार की केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि देश की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार मिलकर भारत को विश्वगुरु बनाने का काम कर रही है। उन्होंने प्रदेश की योगी सरकार द्वारा किये गए कार्यों के बारे में विस्तार से बताया।

अप्रवासियों को यूपी के विकास की जानकारी
अब तक प्रदेश सरकार ने 4.5 लाख से अधिक काबिल युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। 3.5 लाख से अधिक युवाओं को संविदा पर नियुक्ति दी गई है। 80 लाख से अधिक एमएसएमई इकाईयों में 2 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। ओ.डी.ओ.पी. योजना से 25 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। 23 अक्टूबर को आयोजित एनआरआई संवाद में ईरानी ने मोदी और योगी सरकार के कार्यों के बारे में बताया था।
अप्रवासी भारतियों को बताई जा रही योगी सरकार की उपलब्धियां
राजा राजेश्वर बताते हैं कि,
''देश के बाहर रह रहे यूपी के एनआरआई को प्रदेश सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया जा रहा है कि कैसे प्रदेश का विकास हो रहा है। यूपी में 4 नए एक्सप्रेस वे बन रहे हैं जो बहुत जल्द लोकार्पित होने वाले हैं। इसके अलावा सड़कों का निर्माण, सुंदरीकरण, चौड़ीकरण, गड्ढामुक्तीकरण का काम हो चुका है। अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, नए एयरपोर्ट व हवाई पट्टी का निर्माण एवं विकास किया जा रहा है। 10 शहरों में मेट्रो परियोजना प्रस्तावित है। प्रदेश की योगी सरकार ने रोजगार के लिए अतिसंवेदनशील है।''

अयोध्या में एनआरआई सेल खोलने की रणनीति
उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने काशी और अयोध्या में अप्रवासी सेल का गठन किया है। काशी चूंकि पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र है और मोदी स्वयं भी अप्रवासी भारतियों को उनकी ताकत का एहसास कराते रहते हैं। इसी रणनीति के तहत योगी सरकार ने पहली बार वाराणसी में अप्रवासी सम्मेलन भी कराया था जिसमें कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। उस कार्यक्रम में पीएम मोदी भी पहुंचे थे। पीएम के संसदीय क्षेत्र के विकास और उनके विजन को दुनियाभर में फैलाने के लिए यह सेल काम करता है।
अयोध्या में राम मंदिर को केंद्र में रखकर बना यह सेल
ठीक उसी तरह अयोध्या भी चूंकि बीजेपी, आरएसएस के मुख्य एजेंडे में शामिल है और पिछले साल अगस्त में पीएम मोदी ने यहां राम मंदिर के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया था। राम मंदिर की ख्याति देश ही नहीं विदेशों में भी फैले और अयोध्या आने के लिए अप्रवासी भारतियों को आकर्षित किया जा सके इसलिए यह सेल अयोध्या में बनाया गया है। इस सेल में एक एक सह संयोजक स्तर के पदाधिकारी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। राम मंदिर को योगी और मोदी सरकार की उपलब्धियों में जोड़कर अप्रवासी भारतियों को लुभाने का प्रयास किया जाता है।












Click it and Unblock the Notifications