छात्रा ने फीस के लिए दिया 500 का नोट, प्रिंसिपल ने जड़े थप्पड़
छात्रा के फीस जमा करने के लिए दिए गए रुपयों में 500 का नोट देख प्रिंसिपल हुआ आग-बबूला।
उत्तर प्रदेश। पीएम मोदी के 500 और 1000 के नोट बैने कर देने की घोषणा के बाद इससे आम लोगों को तो परेशानी उठानी पड़ ही रही है, एक छात्रा को मार भी सहनी पड़ी।

अलीगढ़ के शांति विद्या निकेतन इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा नीरज ने अपने प्रिंसपिल पर आरोप लगाया है कि वो फीस जमा करने के लिए रुपये लेकर अपने प्रिंसिपल के पास गई थी, जिसमें पांच सौ का नोट देखकर प्रिंसिपल ने उसे थप्पड़ मार दिया।
छात्रा का कहना है कि 500 रुपये के नोट को देखकर प्रिंसिपल ने उसे काफी भला-बुरा भी कहा, जिसके बाद दूसरे अध्यापकों ने मामले को निपटाते हुए छात्रा को वहां से भेजा।
खेरा गुरुदेव गांव की रहने वाली छात्रा ने सारा मामला घर जाकर बताया तो उसके परिजन भी इसको लेकर गुस्सा हो गए और छात्रा को साथ लेकर पुलिस थाने जाकर प्रिंसिपल की शिकायत दर्ज कराई।
थाना कोतवाली इंचार्ज वीपी सिंह ने बताया कि छात्रा के पिता ने प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। मामला गुरुवार के रोज का है।
पीएम मोदी ने की थी घोषणा
आपको बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार 500 और 1000 के नोट पर बैन की बात कही थी। राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम ने कहा था कि ब्लैक मनी पर प्रहार करने के लिए 1000 के नोट बंद होंगे जबकि 500 के नोट बदले जाएंगे।
पीएम ने 1000 और 500 रुपये के मौजूदा करंसी नोटों को 8 नवंबर की रात 12 बजे से बंद करने का ऐलान किया। पीएम मोदी ने कहा था कि 500 और 1000 रुपये के करैंसी नोट कानूनी रूप से मान्य नहीं रहेंगे।
पीएम मोदी ने इस बैन का उद्देश्य बताते हुए कहा कि हम जाली नोटों और करप्शन के खिलाफ जो जंग लड़ रहे हैं, इससे उस लड़ाई को ताकत मिलेगी।
आम जनता को परेशानी, कई नेता भी कर रहे नोट बैन का विरोध
8 नवंबर को पीएम मोदी के नोट बैन के फैसले के बाद बैंकों के बाहर लंबी लाइनें हैं। बड़े नोट ना चलने की वजह से आम लोगों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। वहीं कारोबार पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है।
राहुल गांधी समेत कई राजनेता भी सरकार के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीएम पर अपने लोगों को पहले से नोट बैन की जानकारी देकर माल ठिकाने लगाने आ आरोप लगाया है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसे एक खराब फैसला बता चुकी हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव नोट बैन का मुद्दा संसद में उठाने की बात कह चुके हैं। उन्होंने ऐसे फैसले से पहले लोगों को कुछ दिन का समय देने की मांग की है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने 500 और 1000 के नोट को आर्थिक आपातकाल कहा है। उन्होंने इसे जनता पर बेवजह की मार कहते हुए फैसले की आलोचना की है।












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