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स्कूल टॉयलेट में पूरा करने लगा 'ब्लू व्हेल' का चैलेंज, ये हुआ हाल

गाजीपुर। वाराणसी से सटे सैदपुर का रहने वाले 11वीं क्लास के छात्र जितेंद्र ने अपने हाथों पर ह्वेल की आकृति बना ली है।दरसअल जितेंद्र 50 स्टेजो वाले ब्लू ह्वेल गेम के 13वें राउंड तक पहुंच गया और वहां जाकर फस गया। उसकी हालत देख सभी हैरान थे। उसके बाएं हाथ पर मछली की आकृति बनी हुई थी और उसमें से खून निकल रहा था। स्कूल मैनेजर ने उसी वक्त लड़के की फैमिली और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पूछताछ में उसने बताया कि वो ब्लू व्हेल गेम खेल रहा था, जिसका 13वां टास्क करते हुए उसकी हिम्मत जवाब दे गई।

मां-बाप को जान से मारने की मिलती थी धमकी

मां-बाप को जान से मारने की मिलती थी धमकी

शहर की सोनकर बस्ती निवासी राजेश सोनकर का बेटा जितेंद्र ज्ञानभारती स्कूल में कक्षा 11वीं का स्टूडेंट है। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वो 15 दिन पहले साइबर कैफे गया था। जहां से उसने इस गेम को चोरी-छुपे खेलना शुरू किया। मुझे हर रोज एक नया टास्क एडमिन की ओर से दिया जाता था। जिसे पूरा करने के बाद उसकी रिपोर्ट भी ऑनलाइन ही जमा होती थी। जितेंद्र ने बताया कि रोज के नए टास्क पूरा करने के साथ ही ये भी लिखा रहता था कि यदि तुम इसे पूरा नहीं करोगे तो तुम्हारे मां बाप को मार दिया जाएगा।

निकलने लगा हाथ से खून

निकलने लगा हाथ से खून

जितेंद्र ने बताया कि 12 राउंड को पूरा करने के बाद जब मैंने 13 वें राउंड पर पहुंचा तो मुझसे कहा गया कि अपने हाथों पर व्हेल की आकृति को कम्प्लीट करो। घर पर मैं ये नहीं कर सकता था इसलिए स्कूल गया तो क्लास छोड़ कर बाथरूम जाने के बाद टॉयलेट में घुसकर अपना टास्क पूरा करना शुरू कर दिया। हाथों पर जैसे बताया गया था बना ही रहा था कि ब्लेड चलाते चलाते हाथों से खून टपकना शुरू हो गया और तेजी से दर्द होने लगा। मुझसे जब तक बर्दाश्त करते बना, मैंने किया और फिर टायलेट से निकल कर भागा तो स्कूल के मैनेजर की निगाह मुझ पर पड़ी मैं रो रहा था। उन्होंने पूछा तो मैंने उन्हें सब बताया। उन्होंने मेरे गार्जियन और पुलिस को सुचना दी।

पुलिस ने की स्टूडेंट की काउंसलिंग

पुलिस ने की स्टूडेंट की काउंसलिंग

गाजीपुर के एसपी सोमेन वर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने बच्चे की हालात को समझते हुए काउंसलिंग की। इतना ही नहीं और बेहतर काउंसलिंग के लिए उसे विशेषज्ञों के पास भेजा गया है। बच्चा गेम का 13 खतरनाक स्टेज पार कर चुका था। लड़के के पिता राजेश भिलाई में जॉब करते हैं। यहां जितेंद्र मां सुनीता और इकलौती बहन सोनाली के साथ रहता है। स्कूल में फर्स्ट एड दिया गया, उसके बाद बीएचयू अस्पताल में ट्रीटमेंट के लिए भेजा गया है।

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