26 साल से धरने पर यूपी का ये शिक्षक, कहा- योगी के खिलाफ गोरखपुर से चुनाव लडूंगा, अखिलेश को दी ये चेतावनी
26 साल से धरने पर यूपी का ये शिक्षक, कहा- योगी के खिलाफ गोरखपुर से चुनाव लडूंगा, अखिलेश को दी ये चेतावनी
मुजफ्फरनगर, 05 फरवरी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के विधानसभा चुनाव में एक समान प्रतिद्वंद्वी है। लेकिन इसी बीच उत्तर प्रदेश के एक पूर्व स्कूल शिक्षक विजय सिंह ने दावा किा है कि वह सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ गोरखपुर शहरी सीट से चुनाव लड़ेंगे और करहल विधानसभा क्षेत्र में अखिलेश यादव के खिलाफ प्रचार करेंगे। विजय सिंह का दावा है कि वो एक भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता हैं, जो मुजफ्फरनगर में 26 साल से धरने पर बैठे हैं।

आखिर क्यों 26 साल के धरने पर बैठे हैं यूपी के पूर्व शिक्षक
इंडिया टुडे से बात करते हुए विजय सिंह ने कहा है कि वह 26 सालों से मुजफ्फरनगर में धरने पर बैठे हैं। उनका दावा है कि विजय सिंह एक भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता हैं, जो मुजफ्फरनगर में 26 साल से धरने पर बैठे हैं और भू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जिन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हजारों एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया है। विजय सिंह ने कहा, ''हां, मैंने घोषणा की है कि मैं विधानसभा चुनाव लड़ूंगा। मैं 9 फरवरी को गोरखपुर शहरी सीट के लिए नामांकन दाखिल करूंगा।''

मास्टर विजय बोले- मैं लोगों को जागरूक करूंगा
11 फरवरी गोरखपुर शहरी सीट के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख है, जहां 3 मार्च को मतदान होना है। योगी आदित्यनाथ के नामांकन दाखिल करने के कुछ ही समय बाद विजय सिंह ने शुक्रवार (04 फरवरी) को कहा, "मैं लोगों को जागरूक करने के लिए चुनाव लड़ रहा हूं कि पिछले 26 वर्षों में उत्तर प्रदेश में शासन करने वाली कोई भी पार्टी भ्रष्टाचार से लड़ने और भू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए गंभीर नहीं है।"
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'मैं 'सबसे सस्ता चुनाव' लड़ूंगा'
मास्टर विजय सिंह बोले, "मैं सभी पांच राज्यों में 'सबसे सस्ता चुनाव' लड़ूंगा। मैं भ्रष्टाचार से लड़ने में राजनीतिक दलों और बाद की सरकारों के कार्यों और अनिच्छा के पर्चे बांटकर प्रचार करूंगा। मैं पर्चे तैयार कर रहा हूं।''
मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान और भूगोल का अध्ययन करने वाले विजय सिंह ने अपनी शिक्षा स्नातक (बी.एड) की पढ़ाई पूरी करने से पहले कहा कि उनका जीवन 1990 के दशक के मध्य में एक दिन बदल गया जब वह स्कूल जा रहे थे। मैंने एक बच्चे को रोते हुए और अपनी मां से एक रोटी मांगते देखा। वह उसे खाना नहीं दे सकती थी। मुझे यह देखकर दुख हुआ कि हजारों बीघा ग्राम सभा की जमीन थी, लेकिन मेरे गांव और उसके आसपास शक्तिशाली राजनेताओं ने कब्जा कर लिया था।

1996 से धरने पर बैठे हैं मास्टर विजय
विजय सिंह जनवरी 1996 में मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट के पास धरने पर बैठे थे। उन्होंने जिला अधिकारियों, राजस्व अदालतों और मुख्यमंत्रियों को भी याचिका दी है। योगी आदित्यनाथ के पिछले साल नवंबर में कैराना में एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान उन्होंने हंगामा किया था। भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग का ज्ञापन लेकर उन्होंने आंखों पर पट्टी बांधकर योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया गया लेकिन अधिकारियों ने उनके कागजात स्वीकार कर लिए।

"मुझे चुनाव का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर किया''
विजय सिंह का कहना है कि उनसे कागज ले लिया गया है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। विजय सिंह ने कहा, ''मुझे चुनाव का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर किया।" विजय सिंह ने कहा, ''ये गरीब और भूमिहीन लोगों द्वारा खेती के लिए बनाई गई सरकारी जमीनें हैं लेकिन सत्ताधारी दलों और भू-माफियाओं की मिलीभगत से गरीबों को उनके अधिकार और भोजन से वंचित कर दिया जाता है। अकेले मुजफ्फरनगर और शामली में ऐसी करीब सात लाख बीघा जमीन पर भू माफियाओं का कब्जा है।''












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