यूपी: टेक्निशियन की डिग्री पर इस अस्पताल में होता था ऑपरेशन, एसडीएम ने मारा छापा, देखें वीडियो
कन्नौज। यूपी के कन्नौज जिले की सदर कोतवाली इलाके में स्थित अर्शी सर्जिकल सेंटर पर उप जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ छापा मारा। इस छापेमारी के दौरान सेंटर में अल्ट्रासाउंड की मशीन फर्जी तरीके से चलती हुई पाई गई। इस नर्सिंग होम के मालिक मुशीर अहमद से जब इस संबंध में उनसे कागजात मांगे गए तो वह नहीं दे पाए। जिसके बाद एसडीएम शैलेश कुमार ने अल्ट्रासाउंड की मशीन को सीज कर कार्रवाई शुरू कर दी।

कन्नौज में लैब टैक्नीशियन की डिग्री पर गरीब मरीजों का ऑपरेशन कर फर्जी तरीके से किया जाता था। अस्पताल के मालिक मुशीर अहमद के नर्सिंग होम को कुछ माह पहले ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीज कर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद अपने रसूक के चलते फर्जी डॉक्टर मुशीर अहमद कोर्ट से स्टे ले आया और फिर से नर्सिंग होम का संचालन शुरू कर दिया। तत्कालीन उप जिलाधिकारी शालिनी प्रभाकर ने मुशीर अहमद को ऑपरेशन करते हुए रंगे हाथ पकड़ा था।

एसडीएम की रिपोर्ट पर दो अपर चिकित्साधिकारियों ने मामले की जांच की तो मामला सही पाया। जिसके बाद सीएमओ ने कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज करवाया था। जब उप जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ राम मोहन तिवारी के साथ छापा मारा तो वहां फिर से फर्जी तरीके से अल्ट्रासाउंड मशीन को चलते पाया। एसडीएम सदर ने बताया कि बड़े पैमाने पर लापरवाही बरती जा रही थी। अर्शी हॉस्पिटल के अल्ट्रासाउंड सेंटर को सीज कर दिया गया है।

एसडीएम सदर शैलेश कुमार ने बताया कि यह पीसी पीएनडीटी एक्ट 1994 के अंतर्गत जो मशीन चिकित्सालय में रखे हुए हैं। उसमें लिंग परीक्षण को रोकने हेतु सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाकर उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टीम गठित की गई है। इसमें डिप्टी सीएमओ होते है। शुक्रवार को अर्शी हॉस्पिटल में उसी के तहत छापा मारा गया। जिसमें अस्पताल के कई दस्तावेज सही नहीं पाए गए। मशीन को चलाने के लिए जो डॉक्टर होने चाहिए थे वे नहीं थे। बावजूद इसके मशीन का संचालन किया जा रहा था और मरीजों को लगातार देखा जा रहा था। हॉस्पिटल के अल्ट्रासाउंड रूम को उप जिलाधिकारी द्वारा सीज कर दिया गया है।












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