UP पुलिस मुख्यालय के सामने Ex-DIG के बेटे को गोलियों से भूना
इलाहाबाद स्थित उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) के सामने गुरुवार देर रात बदमाशों ने पूर्व डीआईजी स्टांप त्रिलोचन सिंह के बेटे धीरज सिंह (36) को गोलियों से भून दिया गया।
इलाहाबाद। इलाहाबाद स्थित उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) के सामने गुरुवार देर रात बदमाशों ने पूर्व डीआईजी स्टांप त्रिलोचन सिंह के बेटे धीरज सिंह (36) को गोलियों से भून दिया गया। पेशे से ठेकेदार धीरज रात लगभग साढ़े 11 बजे हरीश ढाबे से खाना पैक कराकर कार से घर लौट रहे थे तभी बाइक सवार हमलावरों ने कार पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी। वारदात में धीरज की पत्नी अन्नू उर्फ निधि भी घायल हुई है। निधि के दाहिने कंधे पर गोली के छर्रे लगे हैं। जबकि धीरज के सीने में गोली लगी हैं। खून से लथपथ धीरज को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

रेकी कर रहे थे बदमाश
माना जा रहा है कि जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, बमाश काफी देर से धीरज की रेकी कर रहे थे। गोलियों की आवाज सुन जब स्थानीय लोग मदद को दौड़े तो बदमाश भाग निकले। धीरज को जार्ज टाउन स्थित पार्वती अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाया बुझाया और धीरज के शव को पोस्टमार्टम के लिए एसआरएन ले गयी। शुक्रवार की शाम धीरज का अंतिम संस्कार किया गया।

दिन भर चलती रही तफ्तीश
घटना के बाद पुलिस हेडक्वार्टर समेत अन्य सरकारी दफ्तर व बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ठेकेदारी में दुश्मनी खंगाल रही है। दिनभर चली तफ्तीश के बारे में अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते रहे। हालांकि एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि मृतक की पत्नी ने गोली मारने वाले को देखा है। स्केच बनवाकर शूटर की पहचान की जाएगी। पुलिस हर एंगल पर जांच कर रही है। जल्द ही मामला खुल जायेगा।

परिजनों का हाल बेहाल
मूलरुप से प्रतापगढ़ जिले के राजगढ़ के रहने वाले पूर्व डीआईजी स्टांप त्रिलोचन सिंह का परिवार वर्तमान में इलाहाबाद के अल्लापुर के बाघम्बरी गद्दी में रहता है। परिवार में धीरज सिंह सबसे छोटा था। एक बड़ा भाई सिविल लाइंस में रेस्टोरेंट चलाता है। जबकि दूसरा भाई रजिस्ट्री आफिस सुल्तानपुर में कार्यरत है । लगभग पांच साल पहले निधि से उसकी शादी हुई थी। घटना के बाद से परिजनों का रो रोकर हाल बेहाल है।

पीडब्ल्यूडी में ठेकेदार
धीरज पीडब्ल्यूडी विभाग का बड़ा ठेकेदार था। पिता के नाम की वजह से भी उसका रसूख सामान्य ठेकेदारों से कहीं अधिक भौकाली था जो कई ठेकेदारों को रास नहीं आता था। माना जा रहा है कि घटना में आपसी दुश्मनी भी कारण हो सकती है। मौके पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद से जांच पड़ताल की है और अब स्केच बनवाकर शूटर की तलाश होगी। परिजन निधि को सांत्वना देने में जुटे हुए हैं।












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