इनसाइड स्टोरी: उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार में इन्हें मिलेगा मंत्री पद!
मुख्यमंत्री के नाम को लेकर जहां सस्पेंस बना हुआ है, वहीं मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होगा, इसपर भी चर्चा शुरू हो गई है।
नई दिल्ली। पहले 2014 और अब 2017... मोदी लहर में विरोधी दल ताश के पत्तो की तरह ढह गए। मोदी मैजिक जमकर चला और भाजपा पर सीटों की झमाझम बारिश हुई। किसी को उम्मीद नहीं थी कि भाजपा को यूपी में इतना प्रचंड बहुमत मिलेगा। 202 के आंकड़े को पार करते हुए भाजपा ने यूपी में एक नई इबारत लिख दी है। रविवार को भाजपा संसदीय दल की बैठक होगी और उसमें यूपी के मुख्यमंत्री का नाम तय होगा। मुख्यमंत्री के नाम को लेकर जहां सस्पेंस बना हुआ है, वहीं मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होगा, इसपर भी चर्चा शुरू हो गई है। आइए जानते हैं ऐसे कुछ संभावित नाम, जिन्हें लाल बत्ती मिल सकती है।


संगीत सोम
2014 के लोकसभा चुनावों से पहले मुजफ्फरनगर में हुए दंगों के बाद चर्चा में आए संगीत सोम को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। संगीत सोम की छवि एक हिंदूवादी नेता की है। मेरठ की सरधना सीट से विधायक संगीत सोम ने सपा के अतुल प्रधान को 21625 वोटों से हराकर जीत हासिल की है। ऐसे में भाजपा उन्हें मंत्री बनाकर पश्चिम उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ और मजबूत कर सकती है। ये भी पढ़ें- बीजेपी के तीन कुंवारे, इनकी वजह से सपा-बसपा सब यूपी में हारे

पंकज सिंह
गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह ने नोएडा में सपा के सुनील चौधरी को 104016 वोटों से हराकर जीत दर्ज की है। पंकज सिंह युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय नेता हैं। पिछले 15 सालों से वे भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र में युवाओं को आकर्षित करने के लिए भाजपा पंकज सिंह को लाल बत्ती दे सकती है।

श्रीकांत शर्मा
मथुरा विधानसभा सीट से विजयी श्रीकांत शर्मा ने कांग्रेस के प्रदीप माथुर को एक लाख से भी ज्यादा वोटों के अंतर से हराया है। श्रीकांत शर्मा केंद्रीय नेतृत्व के नजदीकी माने जाते हैं। प्रखर वक्ता के रूप में पहचान रखने वाले श्रीकांत शर्मा यूपी के मंत्रिमंडल में जगह पा सकते हैं। ऐसी भी चर्चा है कि उन्हें कैबिनेट स्तर का मंत्रालय मिल सकता है।

सिद्धार्थ नाथ सिंह
इलाहाबाद शहर पश्चिम की सीट से सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बड़ी जीत हासिल की है। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी माना जाता है। सिद्धार्थ ने न सिर्फ विधायक पूजा पाल के किले को ढहा दिया बल्कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ की अध्यक्ष ऋचा सिंह को भी परास्त कर दिया। उनका भी यूपी के मंत्रिमंडल में चुना जाना तय माना जा रहा है।

स्वाति सिंह
भाजपा से निष्कासित नेता दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह ने लखनऊ की सरोजनी नगर सीट पर सपा के अनुराग यादव को हराकर जीत दर्ज की है। दयाशंकर सिहं के बसपा प्रमुख मायावती पर विवादित टिप्पणी करने के बाद स्वाति सिंह का नाम चर्चा में आया था। बसपा समर्थकों की स्वाति सिंह की बेटी पर अभद्र टिप्पणी के बाद स्वाति ने इस मुद्दे पर मायावती तक को बैकफुट पर ला दिया था। यूपी के मंत्रिमंडल में महिला चेहरे के रूप में भाजपा उन्हें शामिल कर सकती है। ये भी पढ़ें- मोदी लहर खिलाफ जीता निर्बल शोषित दल का ये बाहुबली नेता

रीता बहुगुणा जोशी
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं रीता बहुगुणा जोशी ने मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव को हराकर शानदार जीत दर्ज की है। रीता बहुगुणा जोशी लंबे समय तक टीवी डिबेट में कांग्रेस का पक्ष पुरजोर तरीके से रखती रही हैं। चर्चा है कि उनके राजनीतिक अनुभव का लाभ लेने के लिए भाजपा उन्हें मंत्री पद दे सकती है।

नंद गोपाल नंदी
इलाहाबाद की शहर दक्षिणी सीट पर नंद गोपाल नंदी ने कमल खिला दिया है। नंदी ने करीब 28 हजार वोटो के भारी अंतर से सपा विधायक परवेज अहमद को पटखनी दी है। बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नंदी की व्यापारियों में अच्छी पकड़ मानी जाती है। एक लोकप्रिय चेहरे के तौर पर भाजपा उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है।

अजीत पाल त्यागी
गाजियाबाद की मुरादनगर सीट से बसपा प्रत्याशी सुधन रावत को पटखनी देकर पहली बार विधायक बने अजीत पाल त्यागी दिग्गज नेता राजपाल त्यागी के बेटे हैं। राजपाल त्यागी यूपी की कई सरकारों में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। त्यागी समाज में अच्छी पैठ रखने वाले राजपाल के बेटे अजीत पाल त्यागी को भाजपा लाल बत्ती प्रदान कर सकती है।

स्वामी प्रसाद मौर्य
बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य को पिछड़े तबके का दिग्गज नेता माना जाता है। मौर्य बसपा में कैबिनट मंत्री और नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। भाजपा में आकर मौर्य ने बसपा को काफी हद तक कमजोर किया था। पडरौना सीट से बसपा के जावेद इकबाल को हराकर स्वामी प्रसाद मौर्य ने जीत हासिल की है। पिछड़े वर्ग को सरकार में प्रतिनिधित्व देने और उनके प्रशासनिक अनुभव का लाभ लेने के लिए भाजपा स्वामी प्रसाद मौर्य को लाल बत्ती प्रदान कर सकती है।

गरिमा सिंह
राजघराने से ताल्लुक रखने वाली गरिमा सिंह ने सपा के कैबिनेट मंत्री और गैंगरेप के आरोपी गायत्री प्रजापति को हराकर अमेठी विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की है। अमेठी जिला गांधी परिवार का गढ़ माना जाता है। यहां से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सांसद हैं। ऐसे में कांग्रेस को उसी के गढ़ में कमजोर करने के लिए भाजपा गरिमा सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है।

आशुतोष टंडन उर्फ गोपाल जी
भाजपा के दिग्गज नेता लालजी टंडन के बेटे आशुतोष टंडन ने कांग्रेस के अनुराग सिंह को हराकर लखनऊ ईस्ट सीट से जीत दर्ज की है। आशुतोष लखनऊ में एक लोकप्रिय नेता के रूप में पहचान रखते हैं। यह सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती है। आशुतोष के पिता लालजी टंडन भी इस सीट से विधायक रह चुके हैं। माना जा रहा है कि भाजपा आशुतोष को मंत्री पद देकर इस क्षेत्र की जनता को तोहफा दे सकती है।

ब्रजेश पाठक
बसपा छोड़कर भाजपा में आए ब्रजेश पाठक को पार्टी ने लखनऊ सेंट्रल से टिकट दिया था। ब्रजेश ने सपा सरकार में मंत्री रहे रविदास मेहरोत्रा को हराकर जीत दर्ज की है। ब्रजेश को एक कुशल नेता के तौर पर जाना जाता है। भाजपा में आकर उन्होंने बसपा को तगड़ा झटका दिया था। उन्हें भी मंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।












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