Dimple Yadav Dance VIDEO: सैफई में 9 साल बाद फिर छाया डिंपल भाभी का स्वैग, देवर की शादी में किया डिस्को डांस!
Dimple Yadav Dance Video Viral: यादव परिवार की शान सैफई गांव एक बार फिर शादी की रौनक से गुलजार हो उठा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के चचेरे भाई आर्यन यादव की शादी मंगलवार (25 नवंबर 2025) को धूमधाम से संपन्न हुई।
इस शाही विवाह में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं सांसद और भाभी डिंपल यादव ने, जिन्होंने 9 साल बाद फिर वही पुराना वाला डांस कर सबको हैरान कर दिया। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें डिंपल यादव शादी की मधुर धुन पर बेटी अदिति यादव के साथ ठुमके लगाते नजर आ रही हैं।

पूरा यादव कुनबा बारात के साथ नाचता-गाता चल रहा था। डिंपल का ये अंदाज देखकर पुराने दिन याद आ गए जब 2016 में शिवपाल सिंह यादव के बेटे आदित्य की शादी में उन्होंने 'चिटिया कलाइयां वे' गाने पर जमकर डांस किया था। उस वक्त भी सैफई डिंपल के ठुमकों का गवाह बना था और इस बार भी भाभी ने कोई कसर नहीं छोड़ी।

Dimple Yadav Dances at Aryan Yadav Wedding: 600 फीट का भव्य स्टेज, लद्दाख की खूबसूरत दुल्हन
शादी का मुख्य आकर्षण रही दुल्हन सेरिंग, जो लद्दाख की रहने वाली हैं और पेशे से वकील हैं। आर्यन यादव ने 600 फीट लंबे शानदार स्टेज पर सेरिंग को जयमाला पहनाई। एक तरफ स्टेज पर दुल्हन का लद्दाखी परिवार था तो दूसरी तरफ पूरा यादव कुनबा। दोनों परिवारों के रीति-रिवाजों से शादी संपन्न हुई। बारातियों ने लखनऊ से दिल्ली तक के स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया।

Who Is Aryan Yadav: आर्यन यादव कौन हैं?
आर्यन यादव अखिलेश यादव के मंझले चाचा स्व. राजपाल यादव के बेटे हैं। मुलायम सिंह यादव के तीन भाई थे - सबसे बड़े मुलायम सिंह, मंझले राजपाल यादव और सबसे छोटे शिवपाल सिंह यादव। राजपाल यादव का निधन इसी साल 9 जनवरी को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में हो गया था। दोनों की सगाई 15 दिसंबर 2024 को दिल्ली में हुई थी।
आर्यन की मां प्रेमलता यादव इटावा की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। आर्यन ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम और सिडनी यूनिवर्सिटी से 2019 में मास्टर्स किया है।

पूरा यादव परिवार पहुंचा सैफई
शादी में अखिलेश यादव, डिंपल यादव, प्रो. रामगोपाल यादव, शिवपाल सिंह यादव समेत यादव परिवार के तमाम सदस्य मौजूद रहे। सैफई में इस शादी को लेकर कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। सोशल मीडिया पर शादी की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग नवविवाहित जोड़े को बधाइयां दे रहे हैं।
9 साल पहले जिस डांस ने डिंपल यादव को रातोंरात वायरल बना दिया था, उसी सैफई की धरती पर एक बार फिर वही जलवा बिखेरकर उन्होंने साबित कर दिया कि भाभी का स्वैग आज भी बरकरार है!

शादी सिर्फ सैफई में ही क्यों? आइए समझते हैं सपा परिवार और सैफई से गहरा रिश्ता...
उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी आंदोलन का नाम आते ही एक गांव सबसे ज्यादा चर्चा में आता है - इटावा का सैफई (Saifai)। यह वही जगह है जिसने न सिर्फ़ एक बड़े राजनीतिक परिवार को जन्म दिया, बल्कि राज्य की राजनीति की दिशा भी बदली। इस गांव का सब से चमकता चेहरा हैं अखिलेश यादव, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री।

सैफई: सपा परिवार की राजनीति की जन्मभूमि
सैफई (जिला: इटावा) समाजवादी पार्टी की पहचान की तरह है। यहाँ पैदा हुए और यहाँ से उठकर राजनीति की मुख्यधारा में पहुंचे-
- मुलायम सिंह यादव (पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व रक्षा मंत्री),
- उनके भाई शिवपाल यादव,
- और अब नई पीढ़ी के नेता अखिलेश यादव।
सैफई सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि एक राजनीतिक और सामाजिक केंद्र है, जहां से सपा की नीतियों और रणनीतियों का आधार मजबूत हुआ।

अखिलेश यादव का जन्म, परिवार और राजनीतिक सीख
अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को सैफई में मुलायम सिंह यादव और मालती देवी के घर हुआ। बचपन से ही उन्होंने अपने पिता को समाजवादी विचारधारा, किसानों-मजदूरों के संघर्ष और राजनीति में संगठन की ताकत सीखते देखा। विदेश में पढ़ाई के बाद भी उन्होंने राजनीति की सीख सैफई की मिट्टी से ही ली, जहां गांव की पंचायत से लेकर राज्य की सबसे बड़ी रैलियों तक- सबकुछ नज़दीक से देखा।
सपा परिवार: राजनीति, रिश्ते और संगठन
समाजवादी पार्टी का परिवार व्यापक है, लेकिन इसकी जड़ें सैफई में ही हैं। इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:-
1. मुलायम सिंह यादव - परिवार के धुरी
अखिलेश के पिता, 'नेताजी' के नाम से प्रसिद्ध, सपा के संस्थापक। उन्होंने सैफई में स्कूल, स्पोर्ट्स कॉलेज, मेडिकल यूनिवर्सिटी और अस्पतालों का विकास कराया- जो आगे चलकर "सैफई मॉडल" कहलाया।
2. शिवपाल सिंह यादव - चाचा से चुनौती तक
सपा परिवार में राजनीतिक रिश्तों में उतार-चढ़ाव आते रहे। शिवपाल यादव (मुलायम के भाई) जमीन-स्तर पर संगठन के मजबूत नेता रहे। 2016- 17 में अखिलेश और शिवपाल के बीच टकराव चर्चाओं में छाया, लेकिन दोनों की जड़ें सैफई में ही एक हैं।
3. रामगोपाल यादव - रणनीतिकार
अखिलेश के चाचा और सपा के संसदीय बोर्ड के महत्वपूर्ण नेता- संगठनात्मक निर्णयों में अहम भूमिका।
4. डिंपल यादव - नई पीढ़ी की सपा नेता
अखिलेश की पत्नी डिंपल ने कन्नौज से सांसद बनकर पार्टी में युवा नेतृत्व को मजबूती दी। वह सामाजिक कार्यों और महिला शिखर कार्यक्रमों का चेहरा रहीं।
अखिलेश यादव व सपा परिवार के लिए सैफई सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि राजनीतिक केंद्र, परिवार की जड़, समाजवादी आंदोलन का आधार और व्यक्तिगत पहचान का प्रतीक है। सपा परिवार की सबसे बड़ी ताकत यही है कि उसकी शुरुआत भी यहीं से हुई और उसका भविष्य भी यहीं से आकार लेता है।
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