मेरठ: भारत बंद में दर्ज हुए थे मुकदमे, शोभापुर के ग्रामीणों ने किया पलायन, दी धर्म परिवर्तन की चेतावनी
मेरठ। भारत बंद के दौरान 2 अप्रेल को हुए बवाल के बाद अब दलितों ने पुलिस प्रशासन पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। जिसके बाद मेरठ के शोभापुर के सैकड़ों दलितों ने पलायन कर लिया है। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में केवल बुजुर्ग बच्चे और महिलाए ही रह गई है। वहीं, गांव में बचे हुए लोगों ने भी धर्म परिवर्तन करने की चेतावनी देकर प्रशासन में खलबली मचा दी है।

शोभापुर गांव से हुई थी शुरूआत
भारत बंद के दौरान मेरठ में सबसे ज्यादा हंगामा प्रदर्शन, आगजनी तोड़फोड़ हुई थी, जिसमे करोड़ों रूपये का नुकसान भी हुआ था। मेरठ के थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र के शोभापुर गांव से इसकी शुरआत हुई थी, जिसमे प्रदर्शनकारियों ने पहले जाम लगाया और फिर एक पुलिस चौकी में आग लगा दी थी। लेकिन इसके महज दो दिन बाद ही दलित नेता गोपी की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने गोपी की हत्या के आरोप में चार आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। इसके बाद एक हिट लिस्ट वायरल हुई, जिसमें सैकड़ों दलितों के नाम लिखा हुए थे। लिस्ट में सबसे ऊपर मृतक गोपी का नाम था।

लिस्ट में थे कई और नाम
लिस्ट के मुताबिक ही गोपी को मार दिया गया था, लेकिन इस लिस्ट में कई अन्य दलितों का भी नाम होने से क्षेत्र में हड़कप मच गया। जबकि पुलिस ने भी इस गांव के अधिकतर लोगों के खिलाफ बलवा करने के आरोप में मुकदा दर्ज कर लिया था। इससे डर कर शोभापुर के ग्रामीणों ने अपने गांव से पलायन शुरू कर दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने इस गांव के सैकड़ों नौजवानों के फर्जी नाम अपनी लिस्ट में लिख रखे है और उनकी गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है। आरोप है कि निर्दोष लोगों के नाम भी एफआईआर दर्ज की गई है, और सभी को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही है। रात में पुलिस उनको तंग कर रही है, ऐसे में अब दलितों ने सीधे धर्म परिवर्तन करने की चेतावनी दे डाली है।
14 अप्रैल को धर्म परिवर्तन का किया ऐलान
इतना ही नहीं दलितों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी सुनवाई नहीं कर रहा है, जबरन मुकदमे करके कार्रवाही करने में लगा हुआ है। जिससे लोगों में असंतोष और डर पैदा हो गया है और अब पुरे गांव ने धर्म परिवर्तन करने का फैसल लिया है। लोगों का कहना है कि बीआर अंबेडकर की जयंती के दिन यानी 14 तारिख को सभी धर्म परिवर्तन करेगें। हालांकी अभी ग्रामीण नहीं बता रहे है कि वो किस धर्म में जाने की तैयारी कर रहे है, जिसके बाद राजनीति होना भी तय है।
एसएसपी बोलीं- कोई पलायन नहीं
मेरठ की एसएसपी मंजिल सैनी ने शोभापुर से दलितों के पलायन के आरोप पर साफ कहा, 'कोई भी पलायन गांव से नहीं हुआ है और मेरे पास कोई शिकायत नहीं है। गांव में पर्याप्त सुरक्षा है, किसी का उत्पीड़न नहीं किया जा रहा है। जांच के बाद ही सबूत के तौर पर गिरफ्तारी की जाएगी। हम लोग गांव में जाकर दलितों से मिल चुके हैं। किसी ने पलायन की शिकायत नहीं की।' उन्होंने भरोसा दिया कि किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ ही कार्रवाई होगी।












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