दस बच्चों का पेट पालने के लिए करता था क्राइम, कभी-कभी कर लेता था नौकरी
उनका पेट पालने के लिए आरोपी कभी राजस्थान में मजदूरी करता तो कभी शाहजहांपुर आकर क्राइम करता ताकि परिवार का पेट भर सके।
शाहजहांपुर। यूपी की शाहजहांपुर पुलिस ने अवैध शस्त्र फैक्ट्री का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने भारी मात्रा में बने और अधबने तमंचे बरामद किए हैं। साथ ही मौके से पुलिस ने तमंचे बनाते हुए दो लोगों को भी गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस ने पकड़े गए दोनों लोगों को जेल भेज दिया है। वहीं पकड़े गए शख्स ने बताया कि उसके दस बच्चे हैं। उनका पेट पालने के लिए आरोपी कभी राजस्थान में मजदूरी करता तो कभी यहां आकर तमंचे बेचकर परिवार का खर्च चलाता है। वहीं पकड़े गए दूसरे शख्स पर हत्या का भी आरोप है। दरअसल ये अवैध असलहा का जखीरा थाना सदर बाजार के शाहबाजनगर इलाके गर्रा नदी के किनारे से मिला है। एसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी के मुताबिक पिछले लंबे समय से गर्रा नदी के किनारे झाड़ियों में बड़ी मात्रा में अवैध तमंचे बनाए जा रहे हैं।

तमंचा फैक्ट्री पर छापा
मुखबिर की सूचना पर सदर बाजार इंस्पेक्टर डीसी शर्मा ने फोर्स के साथ अवैध तमंचा फैक्ट्री पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से नरेश जाटव और कमलेश जाटव को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही मौके से पुलिस ने भारी मात्रा में बने अधबने तमंचे भी बरामद किए हैं। पुलिस ने मौके से 13 देसी तमंचे, 1 देसी रायफल, 4 तमंचों की नाल, 2 अधबने तमंचे, 5 ड्रिल मशीन समेत भारी मात्रा में तमंचे बनाने के उपकरण भी बरामद किए है। पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों अपराधियों ने बताया कि वो पिछले दो साल से तमंचे बनाने का काम करते हैं। इससे पहले कमलेश नाम का अपराधी तमंचे बनाने के अपराध में जेल भी जा चुका है।

एक तमंचा बेचने पर होती थी 500 रुपए की कमाई
वहीं पकड़े गए नरेश ने बताया कि वो थाना निगोही के भूडखेड़ा गांव का रहने वाला है, उसके दस बच्चे हैं। उनका पेट पालने के लिए वो तमंचे बेच लेता है। एक तमंचा बेचने पर उसको पांच सौ रुपए की बचत होती है। नरेश के मुताबिक जब उसके तमंचे बिकना बंद हो जाते हैं, तब वो दस बच्चों का पेट पालने के लिए राजस्थान जाकर मेहनत मजदूरी करने लगता है। अब पकड़े जाने के बाद वो खुद को बेकसूर बता रहा है।

बचत के पैसे खुद रखकर बाकी पैसा कमलेश को दे देता था
उसका कहना है कि उसको गलत फंसाया गया है। नरेश का कहना है कि उसको तमंचे बनाना नहीं आते हैं, वो तो पकड़े गए कमलेश से लेकर ग्राहकों को बेचा करता था। बचत के पैसे खुद रखकर बाकी पैसा कमलेश को दे देता था। एसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि पकड़े गए दोनों अपराधियों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। साथ ही खुलासा करने वाली टीम को एसपी की तरफ से पांच हजार रुपए का इनाम भी दिया गया है।












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