''जिताऊ'' और "टिकाऊ'' उम्मीदवारों पर ही कांग्रेस करेगी फोकस, 5 अक्टूबर को चुनाव समिति की बैठक में होगा फैसला
लखनऊ, 13 सितंबर: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चनुाव से पहले कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी संगठन को गांव गांव तक पहुंचाने में जुटी हुई हैं। वहीं दूसरी तरफ उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अगला विधानसभा चुनाव है। कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार सबसे बड़ी चुनौती सूबे की 403 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के चयन को लेकर है। हालांकि पार्टी का टारगेट 100 सीटों पर चुनाव जीतने का है लेकिन उसके बाद भी बी, सी और डी कैटगरी वाली सीटों पर भी पार्टी जिताऊ अैर टिकाऊ उम्मीदवारों को ही तरजीह देगी। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ने भी कहा है कि उन्हीं नेताओं को तरजीह दी जाए जो 'विनेबल' और 'स्टेबल' हों।

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पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि, ''प्रियंका ने बैठक में कहा कि पार्टी "जिताऊ (जीतने योग्य)" और "टिकाऊ (स्थिर)" उम्मीदवारों को चाहती है जो अगले 20 वर्षों तक पार्टी का नेतृत्व कर सकें।'' कुछ लोगों ने बताया कि पार्टी चुनाव के दौरान संगठन की देखरेख के लिए कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति कर सकती है, क्योंकि यूपीसीसी अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू सहित वरिष्ठ नेता और कुछ उपाध्यक्ष चुनाव लड़ेंगे।
बडे़ नेता और सभी उपाध्यक्ष लड़ेंगे चुनाव
कांग्रेस ने टिकट के इच्छुक उम्मीदवारों को 25 सितंबर तक यूपीसीसी मुख्यालय या जिलों में पार्टी इकाइयों के साथ अपने आवेदन जमा करने के लिए कहा है। पार्टी ने इस बार पार्टी के टिकटों को पहले से ही अंतिम रूप देने का फैसला किया है। राज्य चुनावा समिति की बैठक 5 अक्टूबर को होनी है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस चार कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति कर सकती है। कांग्रेस उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी संगठन की देखरेख के लिए चार कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति करने पर विचार कर रही है।

काशी हिन्दू विश्वविद्याीय में राजनीतिक विभाग के पूर्व प्रोफेसर एस के सिंह ने कहा कि,
"यह जानकर अच्छा लगा कि कांग्रेस एक अच्छा अभियान शुरू कर रही है और लोगों तक पहुंचने के लिए राज्यव्यापी यात्रा की योजना बना रही है। पार्टी को सकारात्मक रुख के साथ लोगों के बीच जाना चाहिए। कांग्रेस को 2017 में भाजपा के सत्ता में आने के समय से ही इस तरह के अभियान शुरू कर देने चाहिए थे। इस तरह के अभियान एक नियमित विशेषता होनी चाहिए और न केवल चुनाव के समय शुरू की जानी चाहिए।"
कांग्रेस के एक अन्य नेता ने कहा कि, "प्रियंका गांधी वाड्रा को पिछले दो दिनों में पार्टी के 831 ब्लॉक, 2614 वार्डों और 8134 न्याय पंचायतों के कामकाज के बारे में पदाधिकारियों से प्रतिक्रिया मिली। उन्होंने कुछ पदाधिकारियों को इशारा किया कि पार्टी को उनके बारे में अच्छी रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने पार्टी के लोगों को चौबीसों घंटे काम करने, सुधार लाने और नीतियों और कार्यक्रमों के साथ लोगों तक पहुंचने के लिए कहा है।"

संगठन की बैठक लेकर दिल्ली लौट चुकी हैं प्रियंका
प्रियंका ने शनिवार को यूपीसीसी के सभी आठ उपाध्यक्षों के साथ अलग से बैठक की थी। चूंकि इनमें से अधिकांश उपाध्यक्षों के 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार के रूप में खड़े होने की संभावना है, इसलिए पार्टी वैकल्पिक व्यवस्था करना चाह रही है। आठ में से शेष चार क्षेत्रों में विभिन्न स्तरों पर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा भी पूरी की। उन्होंने शुक्रवार को चार जोन की समीक्षा पूरी की थी। कांग्रेस महासचिव ने जिलों के कुछ पदाधिकारियों को सुधार की आवश्यकता की ओर इशारा भी किया, हालांकि वह बड़ी संख्या में जिला और शहर की पार्टी इकाइयों के काम से संतुष्ट दिखाई दीं थीं।












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