संभल जाने से रोका गया कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल,आराधना मिश्रा हाउस अरेस्ट, कहा 'लोगों को सच जानने का अधिकार है'

Sambhal Jama Masjid violence: उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद हिंसा मामले की जांच के लिए जा रहे कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रोक दिया है। कांग्रेसी नेताओं ने इस मामले में प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और यूपी विधानसभा में विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने सीधे तौर पर सरकार पर निशाना साधा है।

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    संभल जाने से रोका गया कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल,आराधना मिश्रा हाउस अरेस्ट

    पुलिस ने संभल में धारा 163 लागू होने का हवाला देते हुए प्रतिनिधिमंडल के वहां जाने पर रोक लगाने की अपील की। इसके बावजूद कांग्रेसी नेता इस मामले की जांच के लिए अडिग रहे और उन्होंने अपनी यात्रा जारी रखने का ऐलान किया। इस बीच, कांग्रेसी नेताओं के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इससे पहले, समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को भी संभल जाने से रोका गया था।

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    संभल प्रशासन का आदेश
    संभल जामा मस्जिद सर्वे मामले में भड़की हिंसा के बाद प्रशासन ने बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। वर्तमान में संभल में स्थिति शांतिपूर्ण है, लेकिन बाहरी लोगों के आगमन से माहौल गरमाने की आशंका के कारण डीएम ने 10 दिसंबर तक बाहरी लोगों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया है। इस आदेश के तहत पहले सपा के प्रतिनिधिमंडल को रोका गया, और अब कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को भी रोका गया है।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का तीखा बयान

    पुलिस की ओर से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को नोटिस जारी किया गया है, जिसमें संभल में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने का जिक्र किया गया है। अजय राय ने इस नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "क्या मेरे संभल जाने से अराजकता फैल जाएगी? हम शांति और सद्भाव की स्थापना चाहते हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही है और कांग्रेस सड़क पर संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार संभल की सच्चाई को छुपाना चाहती है और यही कारण है कि हमें जाने से रोका जा रहा है।

    आराधना मिश्रा का आरोप
    कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा मोना ने कहा, "हमें संभल नहीं जाने दिया जा रहा है। कल रात से ही हमारे घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है। इस प्रकार की स्थिति से सरकार क्या साबित करना चाहती है? क्या वह कुछ छुपाने की कोशिश कर रही है?" उन्होंने कहा कि इस मामले में राजनीति खूब गरमाई हुई है और संभल की घटना को लेकर सच्चाई सामने आनी चाहिए।

    संभल में भड़की थी हिंसा
    24 नवंबर को जामा मस्जिद के कोर्ट कमिश्नर के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई थी और करीब तीन दर्जन लोग घायल हुए थे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस घटना की सच्चाई जानने के लिए उनका प्रतिनिधिमंडल वहां जाना जरूरी था, लेकिन पुलिस और प्रशासन की ओर से इसे रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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