'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की संकल्पना को साकार कर रहे पीएम मोदी- योगी आदित्यनाथ
CM Yogi News Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 54वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 9वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह के अंतर्गत संगोष्ठी के क्रम में प्रथम दिन " एक भारत - श्रेष्ठ भारत की संकल्पना की आधारशिला है " पर अपने विचार प्रकट किए। इस दौरान उन्होेंने पीएम मोदी के कार्यों की विशेष सराहना की।
भारत को समान भाव से समझने का दिया अवसर इस अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना के साथ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश को एक संकल्प दिया। उत्तर से दक्षिण तक तथा पूर्व से पश्चिम तक एक भावना से सभी को संबल प्रदान किया । देश के लगभग 120 जनपद नक्सल प्रभावित थे, पूर्वोत्तर अराजकता से भरा था, किंतु माननीय मोदी जी ने अपने नेतृत्व में भेदभाव की भावना को समाप्त कर विकास की योजनाओं से जोड़कर विकास की धारा में ला दिया। कश्मीर हो या कन्याकुमारी, अरूणांचल हो या द्वारिकापुरी सभी देशवासियों को सीधे विकास की परियोजनाओं से जोड़कर एक दूसरे राज्यों से परस्पर संबंध बनाकर भारत को समान भाव से समझने का अवसर दिया।

मनुष्य के रूप में जन्म लेना सौभाग्य की बात प्रधानमंत्री जी ने लाल किला से पंच प्रण का संकल्प लेकर देशवासियों को यह भाव दिया कि हमें एक विकसित भारत का निर्माण करना है। हमें जो देश में गुलामी के प्रतीक हैं उनसे मुक्ति पाकर स्वदेशी पर गर्व करते हुए आत्मनिर्भर बनना होगा। हमें एक तरफ गुलामी के अंश पर विराम लगाना है, तो दूसरी तरफ अपनी विरासत पर गौरव करना चाहिए। दुनिया के अंदर विकास की भावना क्या होनी चाहिए यह भारत ने ही दिया है। यह भारत देश ऐसा है जहाँ जन्म लेना दुर्लभ है,उसमें भी मनुष्य के रूप में जन्म लेना सौभाग्य की बात है।
अपने धर्म ग्रंथ तथा अपनी संस्कृति पर गर्व करना चाहिए हमें अपने तीर्थ, अपने धर्म ग्रंथ तथा अपनी संस्कृति पर गर्व करना चाहिए । हमें सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। साथ हीं अपने कर्तव्यों के प्रति सभी को जागरूक रहना होगा। माननीय प्रधानमंत्री जी का पंच प्रण देश में एक भाव को पैदा किया है जिससे हम सभी का दायित्व राष्ट्र प्रथम का हो गया है। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ जी महाराज व ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज ने अपना पूरा जीवन भारत और भारतीयता के लिए समर्पित कर दिया था।
इस दौरान मुख्य वक्ता भारतीय सामाजिक अनुसंधान परिषद् के अध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के उपाध्यक्ष प्रो दीपक कुमार श्रीवास्तव,अशर्फी भवन अयोध्या से पधारे जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्रीधराचार्य जी महाराज, बड़ोदरा से पधारे महंत गंगादास जी महाराज, विशिष्ट वक्ता उच्च शिक्षा आयोग प्रयागराज के अध्यक्ष प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा एंव महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् के अध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति प्रो उदय प्रताप सिंह ने भी अपने विचार रखें।
इस अवसर पर महंत सुरेश दास जी महाराज, ब्रह्मचारी दास लाल जी, महंत शिवनाथ जी, महंत राम मिलन दास जी, महंत धर्मदास जी, महंत संतोष दास जी, महंत मिथलेशनाथ जी, महंत रवींद्रदास जी, योगी रामनाथ जी, भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सांसद डॉ॰ रमापति राम त्रिपाठी, अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष विश्वनाथ, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र सिंह, सांसद विजय दुबे, विधायक विपिन सिंह, कामेश्वर सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।













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